Friday, August 14, 2026
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Vice Presidential Resignations : जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया: “देश को कई मौकों पर सेवा देने वाले नेता”

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Vice Presidential Resignations : नई दिल्ली। देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने जहाँ एक ओर संसदीय गलियारों में हलचल मचा दी है, वहीं अब इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस्तीफे के करीब 14 घंटे बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त लेकिन भावनात्मक संदेश साझा किया।

पीएम मोदी ने लिखा: “श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत सहित कई स्मारकों में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”

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धनखड़ का इस्तीफा: वजह स्वास्थ्य, लेकिन सियासत गरम 21 जुलाई की रात लगभग 9 बजे, मानसून सत्र के पहले ही दिन, उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में संविधान के अनुच्छेद 67(a) का जिक्र करते हुए लिखा कि डॉक्टरों की सलाह पर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए वे तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं।

हालांकि, राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर क्यों मानसून सत्र के पहले ही दिन इस्तीफे की टाइमिंग चुनी गई? विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इसे केवल ‘स्वास्थ्य’ से जुड़ा फैसला मानने को तैयार नहीं हैं।

कोई विदाई भाषण नहीं, कोई समारोह नहीं जगदीप धनखड़ ने अपने त्यागपत्र के साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे न तो कोई विदाई समारोह लेंगे और न ही कोई आखिरी भाषण देंगे। इस कदम ने अटकलों को और हवा दी है कि क्या इस्तीफा केवल स्वास्थ्य कारणों तक सीमित है, या फिर इसके पीछे कुछ और राजनीतिक समीकरण भी छिपे हैं।

प्रधानमंत्री की बैठक में पहले से तय था इस्तीफा? सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी की एक हालिया बैठक में उपराष्ट्रपति के इस्तीफे से जुड़ी ‘स्क्रिप्ट’ पहले ही तैयार कर ली गई थी। बीजेपी सांसदों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर लिए गए थे, जिससे सियासी हलकों में एक नया तूफान खड़ा हो गया है।

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तीसरे उपराष्ट्रपति जिनका कार्यकाल अधूरा रहा धनखड़ भारत के तीसरे ऐसे उपराष्ट्रपति हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया।

  • इससे पहले विवि गिरी (1969) ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया था।
  • जबकि कृष्णकांत (1997–2002) का कार्यकाल निधन के चलते अधूरा रह गया था।

धनखड़ ने 11 अगस्त 2022 को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। उन्हें 2022 के चुनाव में 725 में से 528 वोट मिले थे, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी मार्गरेट अल्वा को 182 वोट मिले थे।

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