UP Crime News : अमरोहा, उत्तर प्रदेश। “अम्मी, रो मत, मैं ठीक हो जाऊंगी।” ये शब्द थे गुलफिजा के, जो अपनी मां से अस्पताल में आखिरी बार कह रही थी। उसकी मां, अफसरीन, अपनी 22 साल की बेटी के इन आखिरी शब्दों को याद कर बिलख रही हैं। गुलफिजा को उसके ससुराल वालों ने दहेज के लिए कथित तौर पर तेजाब पिला दिया था। 17 दिन तक मौत से जूझने के बाद गुलफिजा ने 27 अगस्त को दम तोड़ दिया।
UP Crime News : दहेज के लिए उतारा मौत के घाट
मुरादाबाद के पास नगला बनवीर गाँव की रहने वाली गुलफिजा की शादी 6 महीने पहले ही अमरोहा के परवेज से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल वाले गुलफिजा को दहेज के लिए परेशान करने लगे। वे 10 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। गुलफिजा के मना करने पर उसे मारा-पीटा जाने लगा। 11 अगस्त को ससुराल वालों ने उसे जबरदस्ती तेजाब पिला दिया।
अस्पताल से लेकर घर तक भटकता रहा परिवार
गुलफिजा के पिता मोहम्मद फुरकान के मुताबिक, 11 अगस्त को उन्हें फोन पर बताया गया कि उनकी बेटी ने तेजाब पी लिया है। परिवार तुरंत अस्पताल पहुंचा। शुरुआती इलाज के बाद गुलफिजा को मुरादाबाद के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया। 13 दिन बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन गुलफिजा के ससुर कथित तौर पर ट्रीटमेंट की फाइलें लेकर गायब हो गए।
घर आने के बाद गुलफिजा की हालत फिर बिगड़ गई। बिना इलाज के कागजात के परिवार उसे लेकर दिल्ली के एम्स और सफदरजंग अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां उसे भर्ती नहीं किया गया। भटकते हुए परिवार वापस मुरादाबाद आया, लेकिन यहां भी उसे इलाज नहीं मिल सका और आखिर में गुलफिजा ने दम तोड़ दिया।
क्या हुआ गुलफिजा की मौत के बाद?
गुलफिजा की मौत के बाद उसके पिता ने पति परवेज, सास-ससुर समेत 7 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या का केस दर्ज कराया। पुलिस ने परवेज को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बाकी आरोपी फरार हैं।
पड़ोसियों का कहना है कि गुलफिजा के घर में अक्सर झगड़े होते थे। हालांकि, एक पड़ोसी ने दावा किया कि गुलफिजा ने खुद टॉयलेट में रखी तेजाब की बोतल पी थी, लेकिन गुलफिजा के परिवार का कहना है कि ससुराल वाले जानबूझकर इलाज के रिकॉर्ड छुपा रहे हैं ताकि सच सामने न आए।
पीड़ित परिवार की तीन मांगें:
- आरोपियों पर सख्त कार्रवाई: परिवार का आरोप है कि आरोपी केस को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और पुलिस फरार आरोपियों को पकड़ नहीं रही है।
- अस्पताल की लापरवाही की जांच: परिवार ने उस अस्पताल पर भी सवाल उठाए हैं जिसने गुलफिजा की हालत बिगड़ने पर उसे दोबारा भर्ती करने से मना कर दिया था।
- आर्थिक मदद: बेटी के इलाज में सारा पैसा खर्च हो गया है, इसलिए सरकार से आर्थिक मदद की मांग की गई है।
यह कोई अकेली घटना नहीं…
हाल के महीनों में दहेज के लिए महिलाओं की हत्या के कई मामले सामने आए हैं। ग्रेटर नोएडा की निक्की भाटी को जिंदा जला दिया गया, गोरखपुर की सानिया ने तीन तलाक दिए जाने के बाद आत्महत्या कर ली और अलीगढ़ की अर्शी की भी संदिग्ध मौत हुई थी। ये सभी मामले दिखाते हैं कि दहेज का दानव आज भी हमारे समाज में मौजूद है।











