Wednesday, August 26, 2026
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Tulsi Vivah 2025 : देवउठनी एकादशी : योगनिद्रा से जागे भगवान विष्णु, शुभ कार्यों की हुई शुरुआत

Tulsi Vivah 2025
Tulsi Vivah 2025

Tulsi Vivah 2025 : बुरहानपुर। आज का दिन आस्था, परंपरा और शुभ आरंभ का प्रतीक बन गया है — क्योंकि आज देवउठनी एकादशी है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, और उनके जागरण के साथ ही विवाह, मांगलिक कार्यों और त्योहारों की शुरुआत हो जाती है।

Tulsi Vivah 2025 : चार महीने के चातुर्मास के बाद आज भगवान के जागरण का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास से मनाया जा रहा है। शहर के मंदिरों में विशेष सजावट, आरती और तुलसी विवाह के आयोजन हो रहे हैं। वहीं बाजारों में गन्ने की खरीदारी जोरों पर है, क्योंकि मान्यता है कि गन्ना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और तुलसी विवाह में उसका उपयोग मंडप के रूप में किया जाता है।

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महिलाएं घरों में देवउठनी पूजा की तैयारियों में जुटी हैं — कोई गन्ना चुन रही है, तो कोई तुलसी माता को सजाने के लिए फूल खरीद रही है। महिला श्रद्धालु मंजू शुक्ला कहती हैं, “हर साल देवउठनी पर हम गन्ना जरूर लाते हैं। इसे भगवान विष्णु और तुलसी माता को चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।” वहीं श्रद्धालु सुधाकर बारी का कहना है, “यह पर्व सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि हमारे जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है।”

शाम के समय तुलसी विवाह का आयोजन होगा — तुलसी माता को सोलह श्रृंगार से सजाकर शालिग्राम जी से विवाह कराया जाएगा। महिलाएं पारंपरिक गीतों के साथ इस लोक परंपरा को जीवंत करती हैं।

इस मौके पर गन्ना विक्रेता विजय सालुंके बताते हैं, “देवउठनी पर गन्ने की खूब बिक्री होती है, सुबह से ही खरीदारों की भीड़ लगी है।”

देवउठनी एकादशी न केवल आस्था का, बल्कि लोकसंस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी पर्व है। जैसे ही भगवान विष्णु का जागरण हुआ, वैसे ही शुभ कार्यों की शुरुआत का शुभ संकेत भी मिल गया है। मंदिरों से लेकर बाजारों तक हर जगह भक्ति, उल्लास और समृद्धि का माहौल है।

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