Saturday, August 15, 2026
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Year Ender 2025 : पेरिस एग्रीमेंट से टैरिफ तक, 2025 में ट्रंप के 5 फैसले जिन्होंने हिला दी पूरी दुनिया

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donald trump
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नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 2025 में दूसरा कार्यकाल अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक संतुलन के लिए बेहद विवादित रहा। इस साल ट्रंप ने कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। आइए जानते हैं इस साल के पाँच सबसे बड़े और चर्चा में रहने वाले फैसलों के बारे में।

पेरिस जलवायु समझौते से बाहर
जनवरी 2025 में ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर करने का आदेश दिया। इसे “अनावश्यक बोझ” बताते हुए हटाया गया, लेकिन वैज्ञानिक समुदाय और पर्यावरण संगठनों ने चेतावनी दी कि इससे वैश्विक जलवायु कार्रवाई कई सालों पीछे जा सकती है।

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WHO और UNHRC की फंडिंग बंद
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य और मानवाधिकार संगठनों जैसे WHO, UNHRC और UNRWA को अमेरिकी फंडिंग रोक दी गई। इस कदम से उन देशों में मानवीय संकट और बढ़ गया, जो अमेरिकी सहायता पर निर्भर थे। आलोचकों का कहना है कि इससे वैश्विक स्वास्थ्य और राहत प्रयासों में भारी व्यवधान आया।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर टैरिफ हथियार
फरवरी 2025 में ट्रंप ने कई देशों पर भारी टैरिफ लागू किया। कनाडा और मेक्सिको से 25% तक, चीन और एशियाई देशों पर 10% और भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ का एलान किया गया। इसके चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी और कई देशों ने प्रतिशोधी कार्रवाई की धमकी दी।

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गाजा पट्टी पर विवादित प्रस्ताव
ट्रंप ने गाजा को अमेरिकी प्रशासन के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें व्यापक पुनर्रचना और लाखों पालेस्तीनी निवासियों के विस्थापन की बातें शामिल थीं। इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हुई और मध्य-पूर्व देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

H-1B वीजा नियमों में कड़ा बदलाव
H-1B वीजा कार्यक्रम में बदलाव किए गए, जैसे वीजा की संख्या घटाना, आवेदन प्रक्रिया कठिन बनाना और अमेरिकी श्रमिकों को प्राथमिकता देना। H-4 वीजा धारकों को काम करने से रोकने की कोशिश ने भारतीय पेशेवरों और विदेशी कंपनियों के लिए चुनौती पैदा कर दी।

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