Tragic accident : जबलपुर रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक हादसा : एस्केलेटर में फंसा 4 साल का मासूम, मां के सामने 45 मिनट तक तड़पता रहा बच्चा

Parivesh
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Tragic accident : जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक हृदयविदारक हादसा सामने आया। प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर लगे एस्केलेटर में एक 4 साल का मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। मासूम वारिस बंसल अपनी मां माला बंसल के साथ ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर आया था। दोनों मैहर के अमरपाटन गांव से शहडोल जा रहे थे। जैसे ही मां-बेटा एस्केलेटर पर चढ़े, अचानक वारिस का पैर चलते एस्केलेटर में फंस गया। बच्चा जोर-जोर से चीखता रहा, लेकिन वहां कोई रेलवे अधिकारी या सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। यह दर्दनाक दृश्य उसकी मां माला बंसल के सामने घट रहा था, और वह बेबस होकर अपने बच्चे की पीड़ा देखती रही।

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यात्रियों और वेंडरों ने दिखाई इंसानियत

करीब 45 मिनट तक बच्चा दर्द से तड़पता रहा। इस दौरान वहां मौजूद यात्रियों और स्टेशन के वेंडरों ने हिम्मत दिखाते हुए बच्चे की मदद की। उन्होंने एस्केलेटर को बंद कराने की कोशिश की और तुरंत बच्चे को बाहर निकालने के प्रयास किए। करीब 45 मिनट बाद आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इस बीच रेलवे प्रशासन की संवेदनहीनता भी सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे अधिकारी घायल बच्चे की मदद करने के बजाय वीडियो बना रहे लोगों से वीडियो डिलीट करने की मांग करते रहे।

मां ने प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

बच्चे की मां माला बंसल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेरा बच्चा मेरी आंखों के सामने तड़पता रहा, और कोई मदद करने वाला नहीं था। अगर यात्री और दुकानदार मदद न करते, तो पता नहीं क्या होता। रेलवे के लोगों ने कोई मदद नहीं की, बस वीडियो हटवाने में लगे थे।” वारिस बंसल को गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जबलपुर के एक निजी अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है, लेकिन पैर में गंभीर चोट है और आगे इलाज की जरूरत होगी।

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सवालों के घेरे में रेलवे प्रशासन

यह हादसा रेलवे की सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्लेटफॉर्म पर न तो कोई रेलवे अधिकारी तैनात था, और न ही कोई इमरजेंसी रिस्पांस टीम समय पर पहुंची। यदि स्थानीय लोग पहल न करते, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।

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