Tips and Tricks: घर की छत, बालकनी या पानी की टंकी के आसपास अचानक पीपल का पौधा उग आए, तो उसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। पक्षियों के जरिए पहुंचे बीज दीवारों की दरारों और नमी वाली जगहों पर अंकुरित हो सकते हैं। शुरुआत में छोटा दिखने वाला पौधा समय के साथ बड़ा हो सकता है। उसकी जड़ें पहले से मौजूद दरारों में फैलकर दीवार, छत या टंकी की संरचना को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए पौधा छोटा होने पर ही उसकी स्थिति की जांच करना बेहतर है।
नमक, चूना और फिटकरी वाला तरीका कितना सही?
कुछ घरेलू नुस्खों में नमक, चूना और फिटकरी को पानी में मिलाकर पौधे की जड़ों में डालने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इस मिश्रण से पीपल की जड़ें सुरक्षित तरीके से खत्म होने या दीवार और टंकी को नुकसान न पहुंचने की गारंटी नहीं है। नमक मिट्टी की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकता है, जबकि चूना और फिटकरी का इस्तेमाल गलत तरीके से करने पर आसपास की सतहों पर असर पड़ सकता है। इसलिए इस घोल को बिना जांच के इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
पौधे को हटाते समय न करें जल्दबाजी
अगर पीपल का पौधा किसी गमले या मिट्टी वाली खुली जगह में उगा है, तो मिट्टी को थोड़ा नम करके उसे सावधानी से निकाला जा सकता है। लेकिन यदि पौधा दीवार की दरार, छत के लेंटर या पानी की टंकी के जोड़ में उगा है, तो उसे जोर से खींचने या जड़ें कुरेदने से बचें। ऐसा करने से दरार बढ़ सकती है या सतह को नुकसान पहुंच सकता है।
पानी की टंकी के पास खास सावधानी रखें
टंकी के आसपास उगे पौधे को हटाते समय यह भी जांचें कि कहीं सीलिंग, पाइप या टंकी के जोड़ में दरार तो नहीं है। टंकी के अंदर जाने वाले पानी के पास नमक, चूना या अन्य रसायन डालने से बचें। यदि लीकेज दिखाई दे, तो पहले उसकी मरम्मत करवाएं। पौधा हटाने के बाद दरार को ठीक कराना जरूरी है, ताकि वहां दोबारा नमी जमा न हो।
दोबारा पौधा उगने से कैसे रोकें?
छत और दीवारों के कोनों में जमा पत्तियों, धूल और मिट्टी को समय-समय पर साफ करें। दरारों और सीलिंग में खराबी दिखने पर उसकी मरम्मत कराएं। इससे बीजों को जमने और अंकुरित होने के लिए कम जगह मिलेगी। ध्यान रखें कि पौधे को हटाने का तरीका उसकी जगह और जड़ों की स्थिति के अनुसार चुनना चाहिए।