SK केयर हॉस्पिटल का काला सच : स्पेशलिस्ट की फौज, अंदर फर्जीवाड़ा, आयुष्मान के नाम पर नकद वसूली का सनसनीखेज आरोप…

Parivesh
SK केयर हॉस्पिटल

रायपुर। राजधानी के लिंक रोड लक्ष्मी नगर स्थित 50-बेड वाले SK केयर हॉस्पिटल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। अस्पताल की बाहरी बिल्डिंग पर डॉक्टरों की चमकदार लिस्ट लगी है, लेकिन अस्पताल में हकीकत में न तो ये डॉक्टर मौजूद हैं और न ही 24 घंटे MBBS डॉक्टर उपलब्ध हैं।

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मरीजों का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्री इलाज का दावा होने के बावजूद उनसे नकद पैसे वसूले जा रहे हैं। अस्पताल की रिसेप्शन पर डॉ. अलका जोहरी, डॉ. अमीनुद्दीन कुरैशी, डॉ. प्रशांत साहू समेत 15 से ज्यादा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के नाम लगे हैं। लेकिन इन डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्होंने कभी इस अस्पताल में काम नहीं किया।

अस्पताल का संचालन मुख्य रूप से RMO (रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर) पर निर्भर है, जबकि नियमों के मुताबिक 50-बेड वाले अस्पताल में 24 घंटे दो MBBS डॉक्टर अनिवार्य हैं। एक मरीज ने बताया कि आयुष्मान कार्ड दिखाने के बावजूद इलाज के बाद 5,000 रुपये नकद मांगे गए। कई अन्य मरीजों ने भी इसी तरह के अनुभव साझा किए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना आयुष्मान भारत योजना में बड़े घोटाले का संकेत हो सकती है। हाल ही में राज्य में 15 अस्पतालों की रजिस्ट्रेशन रद्द हो चुकी है, जहां करोड़ों रुपये के फर्जी क्लेम्स पकड़े गए।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मिथिलेश चौधरी ने जांच टीम गठित कर दी है, जो अस्पताल की सुविधाओं, डॉक्टरों की मौजूदगी और आयुष्मान क्लेम्स की पड़ताल करेगी। CMHO ने कहा कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हॉस्पिटल प्रबंधन ने दावा किया कि सभी डॉक्टर रजिस्टर्ड हैं और 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं, साथ ही आयुष्मान योजना के तहत कोई अतिरिक्त वसूली नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

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