अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में राशन वितरण को लेकर एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कटिंदा में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीने से सरकारी चावल नहीं मिला, जबकि रिकॉर्ड में राशन वितरण दर्शाया जा रहा है।
राशन के बदले दी गई प्लास्टिक बाल्टी
ग्रामीणों ने बताया कि राशन दुकानदार ने उनसे ऑनलाइन फिंगरप्रिंट लगवा लिया, लेकिन चावल देने के बजाय केवल एक महीने के राशन के बदले प्लास्टिक की बाल्टियां थमा दी गईं, जिनकी कीमत 50 से 100 रुपये बताई जा रही है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे इसे उनके हक के राशन में घोटाला मान रहे हैं।
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सप्लाई न आने का दिया जा रहा बहाना
जब ग्रामीण राशन मांगने दुकान पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि सरकार की ओर से राशन सप्लाई नहीं आई। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि सप्लाई नहीं थी तो उनसे फिंगरप्रिंट क्यों लिया गया और कागजों में राशन वितरण कैसे दिखाया गया।
अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
लखनपुर क्षेत्र के लब्जी गांव में भी हाल ही में फर्जी राशन कार्ड के जरिए राशन हड़पने का मामला सामने आया था। ग्रामीणों का आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर और नायब तहसीलदार को जानकारी देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट भेजने की बात कहकर जिम्मेदारी टाल दी, लेकिन अब तक परिणाम सामने नहीं आया।
करोड़ों के राशन घोटाले की आशंका
जिले में लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से करोड़ों रुपये के राशन घोटाले की आशंका जताई जा रही है। आम लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा और वे न्याय की उम्मीद लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उनका सरकारी व्यवस्था पर भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।











