Sukma Model Panchayat : सुकमा: नक्सल प्रभावित माने जाने वाले सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत चिपूरपाल आज अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान बना रही है। कलेक्टर अमित कुमार और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर के नेतृत्व में इस पंचायत को ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (SDG) के तहत एक ‘महिला-हितैषी’ (Women-Friendly) मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।
स्वास्थ्य और पोषण: ‘चिपूरपाल मॉडल’ की रीढ़
पंचायत ने महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को अपनी कार्ययोजना के केंद्र में रखा है। यहाँ विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्य हो रहा है:
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शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य: संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) को बढ़ावा देकर माता और बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुँच रहे हैं।
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पोषण सुरक्षा: गर्भवती और शिशुवती महिलाओं के लिए विशेष पोषण आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
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बुजुर्गों का सम्मान: बुजुर्ग महिलाओं के लिए एक मजबूत संस्थागत सहायता प्रणाली विकसित की गई है।
शिक्षा और सुरक्षा: अब बेटियां नहीं छोड़ेंगी स्कूल
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत के सरपंच और सचिव खुद स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य ‘स्कूल ड्रॉपआउट’ को शून्य पर लाना है। साथ ही, गांवों में महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए सुरक्षात्मक परिवेश और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
ग्राम सभा में बढ़ा महिलाओं का कद
पंचायती राज मंत्रालय के “महिला-हितैषी ग्राम पंचायत” विषय पर अमल करते हुए चिपूरपाल की महिलाओं ने अब ग्राम सभाओं में अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। अब नीतियां केवल पुरुषों द्वारा नहीं बनाई जातीं, बल्कि आगामी योजनाओं और सुरक्षा नीतियों पर महिलाएं सक्रिय चर्चा कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं।











