रायपुर। Nishaanebaz.com-NCB & FDA Joint Action: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशीली दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय और उनके दुरुपयोग पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला रायपुर की एक संयुक्त टीम ने आज शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित कुल 11 मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान मेडिकल दुकानों में दवाओं की खरीदी-बिक्री, उपलब्ध स्टॉक, भंडारण की व्यवस्था और उससे जुड़े सभी अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) की बारीकी से जांच की गई।
टीम ने यह सुनिश्चित करने के लिए पड़ताल की कि मेडिकल स्टोर्स द्वारा औषधियों की खरीदी केवल अधिकृत और वैध स्रोतों से ही की जा रही है या नहीं, तथा उनका रख-रखाव तयशुदा नियमों के दायरे में है या नहीं। इस सघन जांच के दौरान चार प्रमुख मेडिकल स्टोर्स में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें भनपुरी स्थित ‘सर मेडिकल्स’, कोटा स्थित ‘श्री राम मेडिकल स्टोर्स’, संतोषी नगर स्थित ‘लक्ष्मी मेडिकल शॉप’ और कुकुरबेड़ा स्थित ‘मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स’ शामिल हैं। इन सभी चारों फर्मों में औषधियों के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड के संधारण में भारी लापरवाही और अनियमितता उजागर हुई।
अनियमितताएं सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने संबंधित चारों फर्मों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का उचित अवसर देते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर दिए हैं। विभाग का कहना है कि इन मेडिकल स्टोर्स से प्राप्त होने वाले जवाब और उनके अभिलेखों की दोबारा गहराई से जांच की जाएगी, जिसके बाद तथ्यों और नियमों के आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस संयुक्त निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य उन औषधियों के अवैध व्यापार, अनधिकृत भंडारण और वितरण पर प्रभावी नियंत्रण पाना था, जिनका नशीले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग होने की आशंका बनी रहती है।
इस उच्चस्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल में खाद्य एवं औषधि विभाग की ओर से औषधि निरीक्षक डॉ. सुरेश कुमार साहू, ईश्वरी नारायण सिंह, लक्ष्मी वर्मा, हंसा साहू और ओम प्रकाश यादव सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनके साथ ही स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के चार वरिष्ठ अधिकारी भी इस पूरी कार्रवाई के दौरान दल में मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
कार्रवाई के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़ी हिदायत दी है कि वे केवल वैध स्रोतों से ही दवाइयों का क्रय करें, अपने स्टॉक और बिल-वाउचर के रिकॉर्ड को हमेशा अद्यतन रखें तथा अपने लाइसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग की यह निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी।