बलरामपुर। Balrampur Check Dam Scam: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए चेकडैमों में भारी अनियमितता और घटिया निर्माण का मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी के निर्देश और मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच रिपोर्ट के आधार पर जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही गड़बड़ी पाए गए 12 चेकडैमों का भुगतान रोक दिया गया है और अन्य दो इंजीनियरों को भी नोटिस जारी किया गया है।
जांच में खुली निर्माण कार्य की पोल
विगत मार्च 2026 में चेकडैम निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) ने महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य योजनाओं के तहत बनाए जा रहे इन चेकडैमों की भौतिक और तकनीकी जांच की थी।
जांच रिपोर्ट में निम्नलिखित गंभीर खुलासे हुए:
-
घटिया सामग्री और कमजोर उप-संरचना: 12 चेकडैमों के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम विंग वॉल के कंक्रीट की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की पाई गई। कई जगहों पर कंक्रीट की सतह पर केवल ऊपरी तौर पर प्लास्टर कर खानापूर्ति की गई थी।
-
5.13 लाख रुपये का अधिक मूल्यांकन: तकनीकी सहायक द्वारा माप पुस्तिका (एमबी) में वास्तविक माप से अधिक प्रविष्टि कर कुल 5,13,364 रुपये का अधिक मूल्यांकन दर्शाया गया था।
-
असंतोषजनक जवाब: प्रशासन द्वारा 5 अक्टूबर को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद 8 अक्टूबर को दिए गए स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया गया, जिसके बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 30 अक्टूबर 2026 को बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया।
राजनीतिक संरक्षण और कमीशनखोरी के आरोप
सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, इन निर्माण कार्यों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण और कमीशनखोरी का खेल चल रहा था। पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाए जाने के बावजूद कई जगह नियमों को ताक पर रखकर घटिया कार्य कराए जा रहे थे। इस सख्त कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य लापरवाह अमले में हड़कंप मच गया है।