Crime News CG: बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिला अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र के सुदूर ग्रामीण अंचल नेवारीकला से एक बेहद सनसनीखेज, खौफनाक और दिल दहला देने वाली आपराधिक घटना सामने आई है। यहां एक घर के भीतर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक कलह और विधिक विसंगतियों का अंत एक दर्दनाक मर्डर के रूप में हुआ।
शराब के नशे में धुत्त पति की बेसुधी का विधिक फायदा उठाते हुए पहली पत्नी ने अपनी ही सौतन की धारदार हथियार और डंडे से प्रहार कर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस प्रशासन ने घटना की विधिक सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है, जिसने अपना विधिक जुर्म पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
सुबह 5 बजे कोटवार की सूचना पर पहुंची फॉरेंसिक और साइबर विंग की विधिक टीमें
कोतवाली पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विधिक विवरण के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 5 बजे ग्राम नेवारीकला के कोटवार और मृतिका के पति चिम्मन ने थाने पहुंचकर इस जघन्य हत्याकांड की विधिक सूचना दर्ज कराई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी, साइबर सेल की तकनीकी टीम और रायपुर से बुलाई गई विधि-विज्ञान (फॉरेंसिक) विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
पुलिस के गांव में प्रवेश करने से ठीक पहले, संदेही महिला अमृत बाई सड़क पर विधिक रूप से संदिग्ध अवस्था में घूमती हुई मिली, जिसे घेराबंदी कर पहले ही विधिक कस्टडी में ले लिया गया। घटनास्थल पर खाट पर मृतिका दया बाई (27) की लाश लहूलुहान स्थिति में पाई गई, जिसके सिर और गले पर किसी भारी व धारदार विधिक वस्तु से किए गए गहरे दंडात्मक चोट के निशान मौजूद थे।
तीन बार कमरे से वापस लौटी, चौथी बार में किया जानलेवा विधिक प्रहार
पुलिसिया विधिक पूछताछ और विवेचना के दौरान आरोपी महिला अमृत बाई ने जो खुलासा किया, वह आपराधिक मानस की विधिक विसंगति को दर्शाता है। आरोपी महिला पिछले छह महीने से इस हत्याकांड की विधिक साजिश रच रही थी और इसके लिए उसने घर में एक मोटा लकड़ी का डंडा छुपाकर रखा था। सोमवार की रात लगभग 10:30 बजे जब दोनों बच्चे छत पर और पति चिम्मन शराब के नशे में बेसुध सो रहा था, तब अमृत बाई हाथ में डंडा लेकर बगल के कमरे में सोई दया बाई की हत्या करने गई।
वह मानसिक विचलनों के कारण तीन बार कमरे में जाकर वापस लौटी, लेकिन चौथी बार उसने दया के सिर पर लगातार चार बार भारी डंडे से प्रहार किया और फिर लकड़ी काटने वाले धारदार विधिक औजार से उसके सिर और गले को रेत दिया। मौत की विधिक पुष्टि करने के लिए उसने मोबाइल की टॉर्च जलाकर शव को देखा और फिर खेतों की ओर भाग गई, जहां उसने साक्ष्य छुपाने की नीयत से अपने खून से सने कपड़े बदलकर दूसरे वस्त्र धारण कर लिए।
वर्ष 2019 के प्रेम प्रसंग के बाद शुरू हुआ था विधिक कलह
प्रारंभिक विधिक जांच और स्थानीय गवाहों के बयानों के मुताबिक, चिम्मन की शादी वर्ष 2003 में अमृत बाई से हुई थी, जिससे उनके दो बच्चे हैं। इसके बाद वर्ष 2019 में चिम्मन ने दया बाई के साथ प्रेम प्रसंग के चलते उसे विधिक रूप से बिना किसी सामाजिक सहमति के अपने घर ले आया था। तब से दोनों महिलाएं एक ही परिसर में रह रही थीं, जिसके कारण घर में लगातार तीखे विवाद और मानसिक दंडात्मक स्थितियां निर्मित हो रही थीं।
देर रात करीब 3 बजे जब पति चिम्मन की नींद खुली और उसने दया के कमरे में खून से लथपथ शव देखा, तब इस पूरे विधिक अपराध का भंडाफोड़ हुआ। कोतवाली पुलिस ने आरोपी अमृत बाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत दंडात्मक धाराओं के तहत हत्या का विधिक मामला दर्ज कर उसे स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।







