Singrauli Displacement Protest : सिंगरौली (गोरबी): नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की ब्लॉक-बी परियोजना में सोमवार को विस्थापितों और प्रभावितों का धैर्य जवाब दे गया। नौकरी और रोजगार की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर पडरी सहित चार गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने खदान परिसर में प्रवेश कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध के कारण खदान में चल रहा ओवरबर्डन (मिट्टी हटाने) का काम रुक गया और खनन गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं।
ठेका कंपनी पर भेदभाव का आरोप: प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का सीधा आरोप खदान में कार्यरत ठेका कंपनी अजंता राधा पर है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी स्थानीय विस्थापित परिवारों को रोजगार देने के बजाय बाहरी क्षेत्रों से आए लोगों को भर्ती कर रही है। प्रदर्शन में शामिल पीड़ित कौशल प्रसाद शाह ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “खदान के विस्तार में मेरी पांच एकड़ उपजाऊ जमीन और मकान चला गया, लेकिन आज मैं और मेरा परिवार दाने-दाने को मोहताज हैं। प्रबंधन ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
पुलिस और प्रशासन की मध्यस्थता: हंगामे की सूचना मिलते ही मोरवा थाना प्रभारी कपूर त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए शांत रहने की अपील की। थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस की टीम मौके पर तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे के स्थाई समाधान के लिए एनसीएल (NCL) प्रबंधन और ठेका कंपनी अजंता राधा के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जा रही है।
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक विस्थापित परिवारों के कम से कम एक सदस्य को योग्यता अनुसार रोजगार सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक वे खदान में काम शुरू नहीं होने देंगे। फिलहाल खदान परिसर में भारी पुलिस बल मौजूद है और वार्ता का दौर जारी है।











