Shia Community Black Band : भोपाल। राजधानी भोपाल में शनिवार को ईद की नमाज के बाद विरोध की एक प्रखर तस्वीर सामने आई। जहाँ पूरा शहर ईद के जश्न में डूबा था, वहीं शिया समुदाय के लोगों ने ईरान पर हुए हमलों और वहां के शीर्ष नेतृत्व के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए विरोध स्वरूप ईद मनाई। नमाज के बाद वीआईपी रोड और पुराने शहर की मस्जिदों के बाहर “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे।
नए कपड़ों और पकवानों का त्याग: “हमारे यहाँ गमी का माहौल है”
आमतौर पर ईद पर नए कपड़े पहनने और लजीज पकवान बनाने की परंपरा है, लेकिन भोपाल के शिया समुदाय ने इस बार इसका पूर्ण बहिष्कार किया।
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पुराने कपड़े और काली पट्टी: नमाजी पुराने और साधारण कपड़े पहनकर मस्जिद पहुंचे। सभी के हाथों और सिर पर काली पट्टी बंधी थी, जो उनके शोक और विरोध का प्रतीक थी।
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मिठाई और सेवइयों का बहिष्कार: समुदाय के लोगों ने घोषणा की कि वे इस बार न तो कोई विशेष पकवान बनाएंगे और न ही सेवइयां या मिठाई खाएंगे। उनका कहना था कि जब हमारे अपनों की शहादत हुई है, तो जश्न कैसा?
अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरों के साथ नमाज
नमाज के दौरान और उसके बाद बड़ी संख्या में लोग ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लिए हुए नजर आए। शिया समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में जो शहादत हुई है, वह पूरे मुस्लिम जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने खामेनेई को अपना रूहानी रहबर बताते हुए उनकी लंबी उम्र और ईरान की जीत के लिए विशेष दुआएं मांगी।
विरोध की गूँज: “नफरत की राजनीति बर्दाश्त नहीं”
नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका और इजराइल की नीतियों को ‘आतंक’ करार दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईरान हमेशा से मजलूमों की आवाज रहा है और उस पर हमला सीधे तौर पर शांति और भाईचारे पर हमला है।











