अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में फिर मचा हंगामा, लाठी-डंडों के साथ युवकों ने मचाया उत्पात, पुलिस प्रशासन पर दबाव

Rahul Goshwami

प्रयागराज :  प्रयागराज की संगम रेती पर स्थित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने शिविर में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। घटना के बाद शंकराचार्य ने कल्पवासी थाना अध्यक्ष को लिखित तहरीर सौंपकर अपनी सुरक्षा, शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं और संपत्ति को गंभीर खतरा बताया है।

शाम के समय शिविर के बाहर पहुंची संदिग्ध भीड़

तहरीर के मुताबिक, शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच कुछ युवक लाठी-डंडों के साथ भगवा झंडा लिए शिविर के पास पहुंचे। आरोप है कि इन युवकों ने न सिर्फ जबरन शिविर में घुसने की कोशिश की, बल्कि उपद्रव और मारपीट पर भी आमादा हो गए। स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई, जब शिविर में मौजूद सेवकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।

Read More : पटना: NEET छात्रा से हुई थी दरिंदगी! अंडरगार्मेंट से मिले स्पर्म के अंश, दो अफसर सस्पेंड

सेवकों और उपद्रवियों के बीच हाथापाई

शंकराचार्य के सेवकों और घुसपैठ की कोशिश कर रहे युवकों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई। हालांकि, समय रहते सेवकों ने स्थिति संभाल ली और उपद्रवियों को शिविर से बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के बाद शिविर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया।

एफआईआर और अतिरिक्त सुरक्षा की मांग

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे शरारती तत्व दोबारा शिविर में दाखिल हुए, तो किसी बड़ी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शिविर परिसर और आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की अपील भी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

मेला प्रशासन पर जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मामले की पूरी जानकारी ली है और शंकराचार्य के साथ हुई बदसलूकी बेहद गंभीर विषय है। शंकराचार्य ने साफ कहा है कि भविष्य में शिविर के भीतर या बाहर यदि कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।

पहले से विवादों में रहा है मामला

गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शिविर सेक्टर-4, त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी पर स्थित है। हाल ही में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान पालकी के साथ स्नान करने से रोके जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इसके बाद से शंकराचार्य शिविर के बाहर धरनास्थल पर बैठे हुए थे। घटना के बाद वे पालकी से उतरकर वैनिटी वैन में चले गए हैं और आज उनका धरना सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *