निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के शाजापुर जिला मुख्यालय पर किसानों की मांगों को लेकर किया जा रहा कांग्रेस का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बैरिकेड्स तोड़कर कलेक्ट्रेट में घुसने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, 9 अप्रैल 2026 को कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया जा रहा था। दोपहर करीब 2 बजे प्रदर्शन उग्र हो गया। आरोप है कि करीब 150-200 कार्यकर्ता गेट नंबर 2 का ताला तोड़कर और दीवार फांदकर कलेक्ट्रेट परिसर में घुस गए।
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पुलिस से धक्का-मुक्की, सुरक्षा घेरा टूटा
जब पुलिस बल ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस दौरान बैरिकेडिंग को भी नुकसान पहुंचाया गया। प्रशासन के अधिकारियों द्वारा समझाइश देने के बावजूद भीड़ काफी देर तक हंगामा करती रही।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
लालघाटी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें—
- धारा 223(a): लोक सेवक के आदेश की अवहेलना
- धारा 132: शासकीय कार्य में बाधा
- धारा 191(2): बलवा और उपद्रव
ये नेता बनाए गए आरोपी
इस मामले में पूर्व विधायक कुणाल चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, मनीष परमार, राधेश्याम मालवीय, सीताराम पवैया, जयंत सिकरवार, राजकुमार कराड़ा, इरशाद खान सहित अन्य कार्यकर्ताओं को नामजद आरोपी बनाया गया है।
सियासी माहौल गर्म
इस घटना के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ कांग्रेस किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है, तो दूसरी ओर प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की है।











