नई दिल्ली: सोमवार को शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट देखने को मिली। आरबीआई रेपो रेट कट, डेढ़ लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी सपोर्ट और न्यूट्रल स्टांस जैसी घोषणाओं के बावजूद बाजार निवेशकों के सेंटीमेंट को नहीं संभाल पाया। सेंसेक्स 805 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 280 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 84,906.90 अंकों पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,922.10 अंकों पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में ही दोनों प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट के बाद निवेशकों में डर और सतर्कता दिखाई दी।
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इंडिगो का संकट और बाजार सेंटीमेंट
इंडिगो के शेयरों में आई 7% तक की गिरावट ने बाजार का मूड खराब कर दिया। एयरलाइन की फ्लाइट कैंसिलेशन और सरकार द्वारा भेजे गए नोटिस के चलते निवेशकों ने जोखिम भरा रुख अपनाया।
फेड की बैठक से पहले सतर्क निवेशक
9 दिसंबर से होने वाली अमेरिकी फेड की बैठक से पहले निवेशक सतर्क हो गए हैं। बाजार में अस्थिरता की वजह से निवेशक 25 बेसिस प्वाइंट कटौती की उम्मीद के बावजूद जोखिम कम रखना चाहते हैं।
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विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपए में गिरावट
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार सातवें सत्र में बिकवाली जारी रखी। इसके अलावा रुपये की कमजोर स्थिति और डॉलर की मजबूत मांग ने बाजार पर दबाव डाला।
कच्चे तेल में तेजी का असर
ब्रेंट क्रूड की बढ़ी कीमतों ने आयात बिल और ईंधन महंगाई के डर को बढ़ाया। कच्चे तेल में 0.13% की बढ़ोतरी ने शेयर बाजार में सतर्कता का माहौल बनाए रखा।
निवेशकों को भारी नुकसान
इस गिरावट के चलते बीएसई मार्केट कैप में करीब 7,95,618.89 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। निवेशकों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि कई प्रमुख कंपनियों के शेयर मूल्य में तेज गिरावट देखी गई।











