Sehore District Hospital News : सीहोर : सीहोर जिला अस्पताल में सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटल हेल्थ योजना ‘आभा आईडी’ (Ayushman Bharat Health Account) मरीजों के लिए जी का जंजाल बन गई है। अस्पताल में उपचार और जांच के लिए इस आईडी को अनिवार्य किए जाने के बाद से रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण मरीजों को इलाज शुरू कराने से पहले घंटों कतारों में संघर्ष करना पड़ रहा है।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों का बुरा हाल
अस्पताल परिसर में सबसे हृदयविदारक स्थिति उन गर्भवती महिलाओं की है, जो अपनी नियमित जांच के लिए पहुँच रही हैं। लंबी लाइनों में घंटों खड़े रहने के कारण महिलाओं को चक्कर आना, पैरों में सूजन और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कतार में खड़ी महिलाओं का कहना है कि “एक तरफ हम पहले से ही शारीरिक तकलीफ में हैं, ऊपर से अस्पताल प्रशासन ने इस डिजिटल प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि इलाज से पहले घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।”
इलाज में देरी और बढ़ती जटिलता
मरीजों का आरोप है कि पहले सीधे पर्ची कटाकर डॉक्टर को दिखाना आसान था, लेकिन अब आभा आईडी की अनिवार्यता ने प्रक्रिया को लंबा और थकाऊ बना दिया है। कई बार सर्वर डाउन होने या तकनीकी खराबी के कारण रजिस्ट्रेशन बीच में ही रुक जाता है, जिससे मरीजों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
सीएमएचओ ने माना, जल्द होगा सुधार
अस्पताल में मची इस अव्यवस्था को लेकर जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्थिति को स्वीकार किया।
डॉ. सुधीर कुमार डहरिया, सीएमएचओ, सीहोर
“आभा आईडी की प्रक्रिया को लेकर कुछ तकनीकी और भीड़ प्रबंधन की समस्याएं सामने आई हैं। गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। हम प्रयास कर रहे हैं कि रजिस्ट्रेशन काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि मरीजों को कम से कम समय में सुविधा मिल सके। जल्द ही व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।”













