Sarguja Tribal Land Dispute: सरगुजा के मैनपाट में आदिवासियों की जमीन पर दबंगों का कब्जा, दो साल से न्याय के लिए भटक रहा मांझी परिवार

VIKASH KHALKHO

Sarguja Tribal Land Dispute: सरगुजा (अंबिकापुर)। सरगुजा जिले के मैनपाट अंतर्गत ग्राम पंचायत कुनिया से आदिवासियों की जमीन पर जबरन कब्जे और प्रशासनिक उदासीनता का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ रहने वाले माझी जनजाति परिवार के लोगों की वैध भूमि पर गांव के ही कुछ रसूखदार दबंग लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। पीड़ित माझी जनजाति के लोग पिछले दो सालों से लगातार जिला मुख्यालय अंबिकापुर में आयोजित होने वाले कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि इन पीड़ित जनजाति परिवारों को शासन द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत बाकायदा जमीन का वैध पट्टा भी जारी किया जा चुका है।

पीढ़ियों से कर रहे थे खेती, मारपीट कर दबंगों ने छीना हक

अपनी इसी गंभीर शिकायत को लेकर पीड़ित जनजाति परिवार के लोग आज एक बार फिर भारी उम्मीद के साथ जिला कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने जनदर्शन में अपनी व्यथा बताते हुए आवेदन सौंपा और जमीन वापस दिलाने की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से उस जमीन पर शांतिपूर्ण ढंग से खेती-बाड़ी करके अपना जीवन यापन कर रहे थे। इसके विपरीत गांव के कुछ दबंगों ने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हुए उन्हें उनकी ही जमीन से बेदखल कर दिया। अब जब भी वे अपनी जमीन खाली करने के लिए कहते हैं, तो उनके साथ हिंसक विवाद किया जाता है और जान से मारने की धमकी दी जाती है।

तहसील कोर्ट से भी नहीं मिला न्याय, गोचर भूमि पर भी जमाया कब्जा

कुनिया ग्राम पंचायत के निवासी फागु माझी और मुन्नाराम माझी ने कलेक्टर को सौंपे गए अपने शिकायती आवेदन में सीधे तौर पर गांव के राम पुकार यादव, नरेश यादव और अनूप यादव पर कब्जा करने का नामजद आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि पूरा मामला तहसील न्यायालय में भी चला लेकिन स्थानीय राजस्व अधिकारियों के कथित लचर रवैये के कारण उन्हें वहां से भी न्याय नहीं मिल सका। दबंगों ने आदिवासियों की निजी पट्टे की जमीन के अलावा गांव की ‘गोचर मद’ यानी मवेशियों के चरने वाली सुरक्षित सरकारी चरागाह भूमि पर भी बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा जमा लिया है, जिससे गांव के मवेशियों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है।

राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत का गंभीर आरोप

स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्राकृतिक रूप से समृद्ध मैनपाट क्षेत्र में सरकारी जमीनों और सीधे-साधे आदिवासियों की कीमती जमीनों पर अवैध कब्जे के दर्जनों मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन संवेदनशील मामलों में जिला प्रशासन और राजस्व विभाग द्वारा त्वरित गति से सुनवाई नहीं होने के कारण सैकड़ों प्रकरण सालों से ठंडे बस्ते में पेंडिंग पड़े हुए हैं। पीड़ितों का संगीन आरोप है कि दबंग लोग राजस्व विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी भू-दस्तावेजों और खसरे में भी जमकर छेड़छाड़ कर रहे हैं। यही मुख्य कारण है कि इन गरीब और बेसहारा आदिवासियों को कड़ी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद भी उनकी खुद की जमीन का हक वापस नहीं मिल पा रहा है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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