Tuesday, September 1, 2026
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Kabirdham Changai Sabha: कवर्धा में चंगाई सभा की आड़ में धर्मांतरण का खेल, गंभीर बीमारी ठीक करने का लालच देकर आदिवासियों को फंसाया

Kabirdham Changai Sabha: कबीरधाम (कवर्धा)। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले के वनांचल क्षेत्र तरेगांव थाना अंतर्गत ग्राम लालमाटी से कथित धर्मांतरण को लेकर एक बेहद गंभीर और संवेदनशील विवाद सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में चंगाई सभा का गुपचुप आयोजन करके विशेष रूप से सीधे-साधे बैगा आदिवासी परिवारों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इस कथित कृत्य की भनक लगते ही भारी संख्या में ग्रामीण और सनातन धर्म से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इसका पुरजोर विरोध किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके से ही धर्मांतरण गतिविधियों में लिप्त कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़कर तरेगांव थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

गंभीर बीमारी ठीक करने और परेशानियां दूर करने का दिया लालच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालमाटी गांव में काफी समय से चंगाई सभा का खेल चल रहा था। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि इस सभा के दौरान विशेषकर अत्यंत पिछड़ी बैगा जनजाति के लोगों को उनकी पुरानी बीमारियां जादू-टोने और प्रार्थना से पूरी तरह दूर करने, जीवन की तमाम आर्थिक व पारिवारिक परेशानियां समाप्त होने और अन्य भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए विवश व प्रेरित किया जा रहा था। जब सनातन धर्म से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों को इस बात की सूचना मिली, तो उन्होंने एकजुट होकर इस अवैध गतिविधि पर तत्काल रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई।

पारंपरिक धर्म में वापसी की इच्छा जताई, तो दी जेल भेजने की धमकी

इस पूरे मामले में एक पीड़ित वृद्ध बैगा आदिवासी महिला ने हिम्मत दिखाते हुए तरेगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने बताया कि उसके बेटे की तबीयत काफी समय से खराब चल रही थी, जिसका फायदा उठाने के लिए दो संदिग्ध व्यक्ति उनके घर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि ईसा मसीह की शरण में आने से बेटे की बीमारी तुरंत ठीक हो जाएगी। उनके झांसे में आकर परिवार ने धर्म बदल लिया, लेकिन बेटे के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। महिला का आरोप है कि जब उसने अपने पारंपरिक सनातन धर्म और आदिवासी रीति-रिवाजों में वापस लौटने की इच्छा जताई, तो आरोपियों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया और बात नहीं मानने पर सीधे जेल भिजवाने की धमकी दी।

पुलिस के आला अधिकारी बोले — मामले के सभी पहलुओं की हो रही है जांच

बैगा आदिवासी परिवार पर बनाए जा रहे इस मानसिक दबाव के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने आरोपियों को बंधक बनाकर पुलिस को सूचित कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से पूरे वनांचल क्षेत्र में चल रहे इस संगठित नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर मुख्य दोषियों के खिलाफ रासुका और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं मामले को लेकर तरेगांव थाना प्रभारी का कहना है कि पीड़ितों की तरफ से लिखित शिकायत प्राप्त हो चुकी है। पुलिस मामले के सभी तकनीकी व जमीनी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है और जांच पूरी होते ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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