Sachin Pilot West Asia Crisis : नई दिल्ली/जयपुर (02 मार्च 2026): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव सचिन पायलट ने सोमवार को केंद्र सरकार से खाड़ी देशों (Gulf Countries) में फंसे हजारों राजस्थानी प्रवासियों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है। नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने वहां रह रहे भारतीयों, विशेषकर राजस्थानियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
हजारों राजस्थानी प्रवासियों पर संकट सचिन पायलट ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने सात खाड़ी देशों पर जवाबी कार्रवाई की है। इन देशों में राजस्थान के हजारों लोग रोजगार के लिए रहते हैं। पायलट ने मांग की कि केंद्र सरकार खाड़ी देशों की सरकारों से बात करे और वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विशेष परिवहन के साधन (Special Flights/Ships) उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के इस माहौल में प्रवासियों की सुरक्षित वापसी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
ट्रेड डील और विदेशी दबाव पर सवाल केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने आरोप लगाया कि भारत ने अमेरिका के दबाव में आकर ट्रेड डील स्वीकार की है। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि यूरोपीय यूनियन या अन्य शक्तियों के पास केंद्र सरकार की कोई कमजोरी है, जिसके कारण सरकार दबाव में काम कर रही है।” उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता पर भी चिंता जताई और कहा कि भारत को केवल दर्शक नहीं बने रहना चाहिए, बल्कि शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
दमनकारी नीति का विरोध सचिन पायलट ने एआई (AI) समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे सरकार की “दमनकारी नीति” करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में आवाज उठाने वालों को दबाना गलत है। उन्होंने दोहराया कि सरकार को घरेलू विरोध को कुचलने के बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीयों के हितों की रक्षा करने पर ध्यान देना चाहिए।











