T20 World Cup 2026 के अहम चरण में भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के फिनिशर के तौर पर पहचान बना चुके रिंकू सिंह पारिवारिक आपात स्थिति के चलते टूर्नामेंट बीच में छोड़कर घर लौट गए हैं। जानकारी के अनुसार, उनके पिता की हालत गंभीर है और उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
बताया जा रहा है कि रिंकू के पिता स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद रिंकू ने टीम कैंप छोड़ने का फैसला लिया। वे टीम के साथ चेन्नई पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही स्वास्थ्य की गंभीर सूचना मिली, वे तुरंत रवाना हो गए।
वर्ल्ड कप में अब तक फीका प्रदर्शन
रिंकू सिंह का मौजूदा टूर्नामेंट में प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। उन्होंने अब तक पांच मैचों में कुल 24 रन बनाए हैं।
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अमेरिका के खिलाफ: 14 गेंद में 6 रन
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नामीबिया के खिलाफ: 6 गेंद में 1 रन
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पाकिस्तान के खिलाफ: 4 गेंद में नाबाद 11 रन
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नीदरलैंड्स के खिलाफ: 3 गेंद में नाबाद 6 रन
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साउथ अफ्रीका के खिलाफ: 2 गेंद में 0 रन
हालांकि बड़ी पारी नहीं आई, लेकिन उनकी फील्डिंग और जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी का विकल्प टीम संतुलन में अहम माना जाता है।
प्लेइंग-11 में कौन ले सकता है जगह?
अगर रिंकू जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में उपलब्ध नहीं होते, तो टीम मैनेजमेंट के पास दो प्रमुख विकल्प हैं।
विकल्प 1: अक्षर पटेल
चेन्नई की स्पिन अनुकूल पिच को देखते हुए अक्षर पटेल को शामिल किया जा सकता है। इससे भारत चार ऑलराउंडर—शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर—के साथ उतर सकता है। तेज गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह संतुलन बनाए रखेंगे।
विकल्प 2: संजू सैमसन
संजू सैमसन को शामिल कर बल्लेबाजी क्रम मजबूत किया जा सकता है। वे ओपनिंग या तीसरे नंबर पर खेलने में सक्षम हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त गहराई मिलेगी।
करो या मरो का मुकाबला
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच भारत के लिए बेहद अहम है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए यह मुकाबला जीतना जरूरी है। नेट रन रेट भी निर्णायक साबित हो सकता है।
ऐसे समय में रिंकू सिंह की अनुपस्थिति टीम संयोजन पर असर डाल सकती है। क्रिकेट जगत उनके पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है, वहीं टीम इंडिया की नजर अब जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले निर्णायक मुकाबले पर टिकी है।











