Rewa Model Court : रीवा: अपने आधुनिक स्वरूप के लिए हाल ही में चर्चा में आया रीवा का मॉडल कोर्ट सोमवार दोपहर एक बजे अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। विवाद तब शुरू हुआ जब यातायात थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ न्यायालय परिसर के ‘साइलेंट जोन’ में दाखिल हुईं और बेतरतीब खड़े वाहनों पर ‘कैच व्हील’ लगाकर माइक से चालानी कार्रवाई की मुनादी करवाने लगीं। पुलिस के इस व्यवहार और सार्वजनिक रूप से किए गए अनाउंसमेंट को अधिवक्ताओं ने अपना अपमान माना और भारी संख्या में एकत्रित होकर विरोध शुरू कर दिया।
अधिवक्ताओं का आक्रोश इतना बढ़ गया कि उन्होंने मौके पर मौजूद यातायात थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को न्यायालय परिसर से खदेड़ कर बाहर कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वकीलों ने न्यायालय के प्रवेश और निकास द्वार पर ताला लगा दिया, जिससे परिसर के भीतर और बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वकीलों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को धरना स्थल पर बुलाने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है, लेकिन पुलिस केवल वकीलों को निशाना बनाकर उन्हें अपमानित करने का काम कर रही है। मध्य प्रदेश बार एसोसिएशन के सदस्य अखंड प्रताप सिंह और अधिवक्ता वैभव चतुर्वेदी का कहना है कि यह कार्रवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश के इशारे पर की गई है, जो कि न्यायपालिका और अधिवक्ताओं के सौहार्दपूर्ण संबंधों के खिलाफ है। वकीलों ने सवाल उठाया कि जब वाहन कतारबद्ध तरीके से खड़े थे, तो किसके आदेश पर कैच व्हील लगाया गया?
हालात बिगड़ते देख रीवा के शहरी थानों का अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अधिवक्ताओं को समझाने-बुझाने और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि, अधिवक्ता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और पुलिस की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस घटनाक्रम के कारण न्यायालय का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। फिलहाल, पुलिस अधिकारी इस संवेदनशील मामले पर आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं।











