Rewa GMC Hospital News : रीवा (विकास बघेल)। अपनी अव्यवस्थाओं और विवादों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाला रीवा का गांधी स्मारक चिकित्सालय (जीएमसी) एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है। इस बार मामला लेबर रूम की सिस्टर इंचार्ज से जुड़ा है, जिन पर एक महिला सफाईकर्मी ने ड्यूटी लगाने के बदले पैसों के लेन-देन और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस खुलासे के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
रोस्टर नहीं, ‘रकम’ तय करती है ड्यूटी: सफाईकर्मी का दावा
पीड़ित महिला सफाईकर्मी तनुजा माड़व ने लेबर रूम की सिस्टर इंचार्ज संगीता पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वहां नियमों और रोस्टर के आधार पर नहीं, बल्कि सिस्टर इंचार्ज की मर्जी और पैसों के दम पर ड्यूटी लगाई जाती है। तनुजा का आरोप है:
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अवैध मांग: सिस्टर इंचार्ज द्वारा लगातार पैसों की मांग की जा रही थी।
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दुर्व्यवहार: पैसे न दे पाने के कारण पिछले 4-5 दिनों से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें ड्यूटी करने से रोका जा रहा है।
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नियमों का उल्लंघन: कंपनी के रोस्टर के अनुसार तनुजा को एक माह तक लेबर रूम में सेवाएं देनी थीं, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते उन्हें हटाकर मनचाहे लोगों की तैनाती की जा रही है।
पुराना है ‘वसूली’ का इतिहास
गांधी स्मारक अस्पताल का लेबर रूम पहले भी अवैध वसूली के लिए बदनाम रहा है। इससे पूर्व कई बार सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों पर प्रसूताओं के परिजनों से ‘नेग’ या ‘बख्शीश’ के नाम पर जबरन वसूली करने के आरोप लग चुके हैं। ताजा मामला इसलिए अधिक संवेदनशील है क्योंकि इसमें सीधे एक जिम्मेदार सिस्टर इंचार्ज की संलिप्तता की बात सामने आ रही है।
प्रबंधन का रुख: “दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई”
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा:
“सफाईकर्मी द्वारा सिस्टर इंचार्ज पर पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है। यह एक अत्यंत संवेदनशील मामला है। लेबर रूम से पहले भी इस तरह की शिकायतें मिली हैं, जिन पर हमने कड़ी कार्रवाई की है। वर्तमान मामले की भी निष्पक्ष जांच की जा रही है, और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”











