Rewa fire : रीवा अग्निकांड का खौफनाक सच : मृत नवजात ही नहीं, आग में झुलसी थी प्रसूता भी; अस्पताल ने छिपाई हकीकत

VIKASH KHALKHO

Rewa fire : रीवा। रीवा के गांधी स्मारक चिकित्सालय (GMH) के गायनिक ओटी में हुए अग्निकांड की राख के नीचे अस्पताल प्रबंधन ने जो राज दबा रखे थे, वे अब धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं। इस अग्निकांड में न केवल एक मृत नवजात शिशु जलकर खाक हुआ था, बल्कि उसे जन्म देने वाली प्रसूता कंचन साकेत भी आग की लपटों में झुलसी है। इस चौंकाने वाले तथ्य का खुलासा तब हुआ जब सीआईडी (CID) की टीम मामले की जांच करने अस्पताल पहुंची और पीड़ित महिला से सीधी बात की।

Rewa fire : घटना के बाद से ही अस्पताल प्रबंधन मामले को दबाने में जुटा रहा। पहले मृत नवजात के जलने की बात को 16 घंटे तक छिपाया गया और अब प्रसूता के झुलसने की खबर को भी प्रबंधन ने ‘गोपनीय’ बनाए रखा। गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के गहरा निवासी प्रसूता कंचन की मां बुटान साकेत ने कैमरे के सामने रोते हुए बताया कि उन्हें बुधवार तक अपनी बेटी के जलने की खबर ही नहीं दी गई थी। प्रसूता की मां के मुताबिक, उनकी बेटी का शरीर कपड़ों से ढका हुआ है और हाथ बुरी तरह जले हुए नजर आ रहे हैं। प्रबंधन ने परिवार को अंधेरे में रखकर सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश की।

Rewa fire : हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा और सीएमएचओ गुरुवार को ही कंचन से मिलकर आए थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने प्रसूता के झुलसने की बात से पल्ला झाड़ लिया। अधीक्षक का दावा है कि ओटी में केवल मृत नवजात ही जला था। उन्होंने बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि यदि महिला कहीं ‘थोड़ी-बहुत’ झुलसी होगी, तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

Rewa fire : सीआईडी की टीम ने प्रसूता के बयान दर्ज किए हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि आग लगने के दौरान ओटी में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मामले की लीपापोती करने और पीड़ित परिवार को गुमराह करने के प्रयासों ने इस घटना को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। प्रसूता की मां का आरोप है कि उसकी बेटी दर्द से तड़प रही है, लेकिन प्रबंधन अपनी साख बचाने के लिए सच बोलने से कतरा रहा है।

Rewa fire : प्रशासनिक एजेंसियों की जांच में अस्पताल के अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों की पोल पहले ही खुल चुकी है। अब पीड़ित प्रसूता के झुलसने की खबर सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और तथ्य छिपाने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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