रीवा: जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बिछिया क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) पर रिश्वत लेने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित युवक ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
डराकर पैसे लेने का आरोप
शिकायतकर्ता सैफ खान का कहना है कि संबंधित एएसआई ने उसे एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य आपराधिक मामलों में फंसाने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया। युवक के मुताबिक, इस दबाव के चलते उसे दो अलग-अलग मौकों पर कुल ₹10,000 देने पड़े। अब उसने आरोप लगाया है कि यह रकम जबरन रिश्वत के तौर पर ली गई।
एसपी से न्याय की गुहार
पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर पूरी घटना बताई और अपनी दी गई राशि वापस दिलाने के साथ-साथ संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। युवक का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामलों से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा कमजोर होगा।
पुलिस ने शुरू की जांच प्रक्रिया
मामले को लेकर बिछिया थाना प्रभारी मनीष उपाध्याय ने बताया कि शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में एएसआई दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ नियमों के तहत सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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भरोसे और जवाबदेही का सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। आम नागरिकों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों पर लगे ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि जनता का विश्वास कायम रह सके।फिलहाल सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होती है।













