Saturday, October 3, 2026
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Reserve Bank Of India : 1 अक्टूबर से लोन लेना होगा आसान, EMI होगी हल्की; गोल्ड लोन के नियमों में भी बड़ा बदलाव…

Reserve Bank Of India
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Reserve Bank Of India : नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए लोन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव की घोषणा की है। ये बदलाव 1 अक्टूबर से लागू होंगे, जिससे आम लोगों के लिए लोन लेना आसान हो जाएगा और EMI का बोझ भी हल्का हो सकता है।

1 अक्टूबर से लागू होने वाले मुख्य बदलाव

1. फ्लोटिंग रेट पर EMI कम करना आसान: अगर आपने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन या कोई अन्य लोन लिया है, तो अब बैंक तीन साल के लॉक-इन पीरियड से पहले भी आपकी EMI कम कर सकते हैं। इससे सीधे तौर पर उधारकर्ताओं को राहत मिलेगी और उनकी मासिक किस्तें (EMI) घट सकती हैं।

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2. फिक्स्ड से फ्लोटिंग रेट में स्विच की सुविधा: जिन लोगों ने फिक्स्ड रेट लोन लिया है, उन्हें भी अब फ्लोटिंग रेट में स्विच करने का विकल्प दिया जा सकता है (हालांकि यह बैंकों के लिए अनिवार्य नहीं होगा)। यह सुविधा उधारकर्ताओं को बाजार की ब्याज दरों के हिसाब से सही विकल्प चुनने में फ्लेक्सिबिलिटी देगी।

3. गोल्ड लोन लेना हुआ सुविधाजनक: गोल्ड लोन के नियमों में बदलाव से छोटे कारीगरों और कारोबारियों को फायदा होगा। अब सिर्फ जौहरी ही नहीं, बल्कि गोल्ड को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करने वाले छोटे कारोबारी और कारीगर भी सोने के बदले बैंक से लोन ले सकते हैं। इससे छोटे उद्योगों को अपनी वर्किंग कैपिटल जुटाने में आसानी होगी।

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गोल्ड लोन और क्रेडिट डेटा पर नए प्रस्ताव

RBI ने कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे हैं जिन पर अभी विचार चल रहा है:

  • गोल्ड मेटल लोन (GML) की अवधि बढ़ी: GML की रीपेमेंट अवधि को 180 दिन से बढ़ाकर 270 दिन करने का प्रस्ताव है।
  • गैर-निर्माण ज्वेलरी विक्रेता को लाभ: अब गैर-निर्माण ज्वेलरी विक्रेता भी आउटसोर्सिंग के लिए GML का उपयोग कर सकेंगे। ये कदम MSME और ज्वेलरी सेक्टर के लिए बड़े फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
  • सटीक क्रेडिट डेटा: RBI ने सुझाव दिया है कि बैंक और वित्तीय संस्थान अब क्रेडिट ब्यूरो को हर हफ्ते डेटा भेजें (पहले यह पाक्षिक था)। इससे क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियाँ कम होंगी और उनमें CKYC नंबर भी शामिल किया जाएगा, जिससे पहचान की प्रक्रिया तेज और आसान होगी।

इसके अलावा, RBI ने बैंकों को ऑफशोर मार्केट के जरिए विदेशी मुद्रा या रुपये में बॉन्ड जारी करके फंड जुटाने का रास्ता आसान किया है, जिससे बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वे ज्यादा लोन दे पाएंगे।

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