Republic Day Prisoner Remission : जबलपुर। 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर जबलपुर की सेंट्रल जेल में सजा काट रहे 9 कैदियों के जीवन में खुशियों का नया सवेरा आया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार और जेल प्रशासन की अनुशंसा पर, आजीवन कारावास की सजा काट रहे उन कैदियों को रिहा कर दिया गया है जिन्होंने जेल में रहते हुए उत्तम आचरण का परिचय दिया। रिहाई के बाद जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही इन कैदियों के चेहरों पर सुकून और आंखों में पश्चाताप के आंसू नजर आए।
जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि रिहा किए गए सभी 9 कैदी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे और अपनी सजा के 14 वर्ष पूरे कर चुके थे। जेल नियमों के अनुसार, जिन कैदियों का आचरण अनुशासित और सकारात्मक रहता है, उन्हें राष्ट्रीय पर्वों पर विशेष परिहार (छूट) देकर रिहा किया जाता है। ये कैदी जबलपुर सहित कटनी, मंडला, सिवनी और डिंडोरी जिले के रहने वाले हैं। जेल प्रशासन ने उन्हें मिठाई खिलाकर और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देकर विदा किया।
रिहा हुए कैदियों में से एक, सुखलाल ने भावुक होते हुए कहा, “आज मेरा नया जन्म हुआ है। हमने अपने जीवन के कई साल सलाखों के पीछे अपनी गलतियों का प्रायश्चित करते हुए बिताए हैं। अब हम समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक नेक इंसान की तरह जीना चाहते हैं।” सुखलाल और उनके अन्य साथियों ने बाहर निकलने के बाद अन्य अपराधियों और युवाओं से मार्मिक अपील की कि वे अपराध की राह न चुनें, क्योंकि इससे न केवल उनका जीवन बल्कि उनके परिवार का भविष्य भी बर्बाद हो जाता है।
रिहाई के समय जेल परिसर के बाहर कैदियों के परिजन भी मौजूद थे, जो अपने अपनों को वापस पाकर फूले नहीं समा रहे थे। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल के भीतर इन कैदियों को विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा गया था, ताकि रिहाई के बाद वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस मानवीय पहल का उद्देश्य अपराधियों को सुधार कर उन्हें समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाना है।













