Re-NEET exam: रायपुर: देशभर में आज री-NEET UG 2026 परीक्षा आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ में लगभग 45 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। राज्य में 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें रायपुर में 25 केंद्र शामिल हैं। NTA के निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों की सख्त जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।
Re-NEET exam: रायपुर में सेंटर के बाहर हंगामा
Re-NEET exam: रायपुर के चौबे कॉलोनी स्थित मायाराम सुरजन शासकीय विद्यालय में एक छात्र को पहले सुरक्षा जांच के बाद अंदर जाने दिया गया। लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पता चला कि उसके एडमिट कार्ड में दूसरा परीक्षा केंद्र दर्ज है। लगभग 10-15 मिनट तक केंद्र के अंदर रहने के बाद उसे बाहर भेज दिया गया, जिसके कारण वह परीक्षा नहीं दे सका।
Re-NEET exam: जगदलपुर में प्रदर्शन
जगदलपुर के पीजी कॉलेज के बाहर NSUI कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
Re-NEET exam: प्रवेश में लगी आधे घंटे तक की देरी
Re-NEET exam: सुरक्षा जांच और दस्तावेज सत्यापन में लगभग 30 मिनट लग रहे थे। छात्रों को समय पर केंद्र पहुंचने के लिए लगातार घोषणा की जा रही थी।
Re-NEET exam: चप्पल, बाली और आभूषण उतरवाए गए
-रायपुर के एक केंद्र में छात्रा की चप्पल बदलवाई गई।
-कई केंद्रों पर कान की बाली, ईयररिंग और अन्य आभूषण उतरवाए गए।
-जांजगीर-चांपा समेत अन्य जिलों में भी ड्रेस कोड का सख्ती से पालन कराया गया।
Re-NEET exam: छात्रों की चिंता
Re-NEET exam:कई छात्रों ने कहा कि दोबारा परीक्षा होने से उन पर मानसिक दबाव बढ़ गया है। वहीं कुछ केंद्रों पर अभिभावकों के लिए छाया या बैठने की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण उन्हें धूप में इंतजार करना पड़ा। रायपुर में एक छात्रा की ईयररिंग फंस गई थी। ENT विशेषज्ञ डॉक्टर अनुज जाऊलकर ने मौके पर उपकरण मंगवाकर उसकी मदद की, जिसके बाद वह परीक्षा में शामिल हो सकी।
Re-NEET exam:भिलाई नगर CSP सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कुछ अभिभावकों ने पेपर लीक मामले में NTA और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बिलासपुर के कई केंद्रों में परीक्षार्थियों के लिए टेंट या पर्याप्त छाया की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सामने आई। कुल मिलाकर, परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित हुई, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, ड्रेस कोड और री-एग्जाम के कारण कई छात्रों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।









