राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव की मिट्टी में हॉकी का जादू गहराई से रचा-बसा है और इसका सबसे बड़ा श्रेय जाता है भारत के अमर हॉकी सम्राट मेजर ध्यानचंद को। कभी नगर के म्युनिसिपल स्कूल मैदान में हॉकी की स्टिक थामकर अपने खेल का अद्भुत कौशल दिखाने वाले इस महान खिलाड़ी की स्मृतियाँ आज भी शहरवासियों के दिलों में जीवित हैं।
Read News : CG Fraud : एक करोड़ से ज्यादा की ठगी : डिजिटल अरेस्ट में रखकर रिटायर्ड कर्मचारी को लूटा….
वरिष्ठ भाजपा पार्षद शिव वर्मा ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का प्रभाव ही था कि राजनांदगांव ने पूरे देश में हॉकी की अलग पहचान बनाई। यहां से अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी प्रेरणा से राजनांदगांव में लगातार अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन होता रहा है, जिसने शहर को खेल जगत में विशेष पहचान दिलाई।
शिव वर्मा ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जिस प्रकार शहर में एक स्टेडियम दिग्विजय स्टेडियम के नाम से जाना जाता है, उसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का नामकरण ‘मेजर ध्यानचंद अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम’ के रूप में किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल नामकरण नहीं होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और राजनांदगांव की खेल परंपरा को और मजबूती देगा।
शिव वर्मा ने कहा – “मेजर ध्यानचंद केवल एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और देशभक्ति के जीवंत प्रतीक थे। राजनांदगांव की जनता उन्हें कभी नहीं भुला सकती। यदि यहां के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को उनके नाम पर किया जाता है तो यह उनकी खेल विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
Read News : Crime News : आर्मी जवान की पत्नी ने घर में लगाई फांसी, आखिर क्यों उठाया ये खौफनाक कदम?…
जनता और खिलाड़ियों ने भी इस मांग का जोरदार समर्थन किया है। उनका कहना है कि हॉकी के जादूगर के नाम पर स्टेडियम का नामकरण होने से जहां शहर की खेल पहचान और मजबूत होगी, वहीं नौनिहाल खिलाड़ियों में भी जुनून और उत्साह का संचार होगा।











