Raipur Property Tax: रायपुर। शहर में जिन मकानों को रहने के लिए अनुमति मिली है, उनमें दुकान, कैफे-रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर, किराना या कपड़ों की दुकान चलाने वालों की अब जांच होगी। नगर निगम जल्द ही शहर की ऐसी संपत्तियों का सर्वे कराने जा रहा है।
निगम के अनुसार, शहर में 12 हजार से ज्यादा ऐसी संपत्तियां हो सकती हैं। हालांकि, सही संख्या सर्वे पूरा होने के बाद ही सामने आएगी। आवासीय भवन में व्यावसायिक काम होने से निगम को हर साल करीब 5 से 10 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है . ऐसे कई भवनों में पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। इसके कारण ग्राहक अपने वाहन सड़क पर खड़े करते हैं, जिससे कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या होती है।
सितंबर के अंत से शुरू हो सकता है सर्वे
नगर निगम सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह से सर्वे शुरू करने की तैयारी में है। निगम पिछले **10 साल से शहर में इस तरह का बड़ा सर्वे नहीं करा पाया है। इस बार लीडार तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। कंपनी तय होने के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है।
पार्किंग की भी होगी जांच
निगम व्यावसायिक भवनों में पार्किंग नियमों की भी जांच करेगा। कमर्शियल भवनों को ‘मार्जिनल फ्रंट ओपन स्पेस’ की शर्त पर अनुमति दी जाती है। इसमें पार्किंग के लिए जगह रखना जरूरी होता है। कई व्यावसायिक भवनों में पार्किंग की जगह का सही इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी।
गलत टैक्स जमा करने वालों को नोटिस
सर्वे के दौरान निगम की टीम भवनों का भौतिक सत्यापन करेगी। छत पर लगे मोबाइल टावर की भी जांच की जाएगी। साथ ही यह देखा जाएगा कि भवन का इस्तेमाल किस काम के लिए हो रहा है और उसके हिसाब से टैक्स जमा किया जा रहा है या नहीं। अगर कोई मकान आवासीय टैक्स जमा कर रहा है, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधि चल रही है, तो मालिक को **पेनाल्टी के साथ व्यावसायिक टैक्स का डिमांड नोटिस दिया जाएगा।
VIP एस्टेट में 6 संस्थानों पर कार्रवाई
Raipur Property Tax: वीआईपी एस्टेट के रहवासियों की सुप्रीम कोर्ट में शिकायत के बाद नगर निगम ने मंगलवार को आवासीय क्षेत्र में चल रहे 6 व्यावसायिक संस्थानों पर कार्रवाई की। यह कॉलोनी साल 1990 में आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित की गई थी। निगम ने पहले 26 प्रॉपर्टी होल्डर्स को एक महीने का समय देते हुए नोटिस जारी किया था।
Raipur Property Tax: इनमें से 8 लोगों ने अपनी गतिविधियां दूसरी जगह शिफ्ट कर लीं। कुछ मामलों में नियमितीकरण हो गया है, जबकि कुछ की प्रक्रिया चल रही है। नियमों का पालन नहीं करने पर मोमोज ब्रदर्स कैफे, पिकल बॉल क्लब, महादेव मार्केटिंग, बैकयार्ड कैफे, रैंबो किड्स स्कूल और हर हाइनेस ब्यूटी पार्लर पर कार्रवाई की गई।





