Haryana Cotton Subsidy 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- हरियाणा में कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने कपास की फसल को बेहतर बनाने और कीटों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। Haryana Cotton Subsidy 2026 के तहत पात्र किसानों को कृषि सामग्री खरीदने पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।इस योजना में खास तौर पर सूक्ष्म पोषक तत्व यानी Micronutrients और एकीकृत कीट प्रबंधन यानी IPM से जुड़ी सामग्री की खरीद को शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को फसल की देखभाल के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनकी लागत को कुछ कम करना है।
कपास किसानों को सब्सिडी के तहत कृषि सामग्री की खरीद पर 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹2,000 प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी। दोनों में से जो राशि कम होगी, वही अनुदान के रूप में मान्य होगी।इस योजना में एक किसान अधिकतम 2 एकड़ कपास क्षेत्र के लिए लाभ ले सकता है। यानी पात्र किसान को अधिकतम ₹4,000 तक की आर्थिक मदद मिल सकती है।उदाहरण के तौर पर यदि किसान के पास योजना के तहत 1 एकड़ कपास की जमीन है तो अधिकतम ₹2,000 की सहायता मिल सकती है। वहीं 2 एकड़ के लिए अधिकतम राशि ₹4,000 होगी।
Micronutrients और IPM सामग्री पर मिलेगा फायदा
Haryana Cotton Farmers Scheme का फोकस फसल में पोषक तत्वों की कमी दूर करने और कीटों से होने वाले नुकसान को नियंत्रित करने पर है।योजना के तहत किसान Micronutrients और Integrated Pest Management यानी IPM से संबंधित कृषि सामग्री खरीद सकते हैं। इससे किसानों को फसल की जरूरत के मुताबिक सामग्री खरीदने में आर्थिक मदद मिलेगी।हालांकि, सब्सिडी का लाभ लेने के लिए सामग्री की खरीद मनमाने तरीके से नहीं की जा सकेगी। विभाग ने इसके लिए कुछ मानक तय किए हैं।
HAU की सिफारिश के अनुसार खरीद जरूरी
कपास सब्सिडी योजना 2026 का लाभ लेने वाले किसानों को कृषि सामग्री चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार की सिफारिशों के अनुसार खरीदनी होगी।किसान यह सामग्री अर्धसरकारी केंद्रों, सहकारी समितियों या अधिकृत विक्रेताओं से खरीद सकते हैं। योजना में वही खरीद मान्य होगी, जो तय नियमों और निर्धारित सिफारिशों के अनुसार की गई हो।इसलिए किसानों को सामग्री खरीदते समय विक्रेता का बिल और अन्य जरूरी दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए।
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15 सितंबर तक बिल अपलोड करना जरूरी
कपास किसानों को सब्सिडी पाने के लिए सिर्फ कृषि सामग्री खरीदना ही पर्याप्त नहीं होगा। खरीद के बाद किसान को उसका वैध बिल हरियाणा कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा।बिल agriharyana.gov.in पर जमा किया जा सकता है। विभाग द्वारा आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्रता के अनुसार सहायता दी जाएगी।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिल अपलोड करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में किसानों को आखिरी दिन का इंतजार नहीं करना चाहिए।
किसान योजना का लाभ कैसे लें?
Haryana Cotton Subsidy 2026 का फायदा लेने के लिए किसान को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।सबसे पहले पात्र किसान को HAU की सिफारिशों के अनुसार जरूरी कृषि सामग्री खरीदनी होगी। इसके बाद विक्रेता से वैध बिल लेना होगा।अगले चरण में बिल को हरियाणा कृषि विभाग के पोर्टल agriharyana.gov.in पर अपलोड करना होगा। इसके बाद विभाग दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।किसानों को सलाह दी गई है कि बिल और खरीद से जुड़े दस्तावेजों में कोई गलती न हो।
किसे कितना मिलेगा लाभ?
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना | कपास एकीकृत कीट प्रबंधन एवं सूक्ष्म पोषक तत्व सब्सिडी योजना |
| लाभार्थी | हरियाणा के पात्र कपास उत्पादक किसान |
| अनुदान | 50% या ₹2,000 प्रति एकड़, जो कम हो |
| अधिकतम क्षेत्र | 2 एकड़ |
| अधिकतम सहायता | ₹4,000 |
| बिल अपलोड पोर्टल | agriharyana.gov.in |
| अंतिम तारीख | 15 सितंबर 2026 |
| हेल्पलाइन | 1800-180-2117 |
समय सीमा से पहले पूरा करें प्रक्रिया
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने पात्र कपास किसानों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते कृषि सामग्री खरीदें और उसका वैध बिल पोर्टल पर अपलोड करें।यदि किसी किसान को आवेदन या पोर्टल से जुड़ी समस्या आती है तो वह अपने जिले के उप-कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा विभाग की हेल्पलाइन 1800-180-2117 पर भी जानकारी ली जा सकती है।यह योजना कपास किसानों के लिए फसल की देखभाल से जुड़ी लागत कम करने में मददगार हो सकती है। साथ ही Micronutrients और IPM सामग्री के इस्तेमाल से फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता बेहतर करने में भी सहायता मिल सकती है।





