Raipur Municipal Corporation Action : रायपुर (13 फरवरी 2026): रायपुर नगर निगम ने राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम आयुक्त विश्वदीप के सख्त निर्देश के बाद जोन-10 की राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए शहर के जाने-माने ‘लिविंग रूम कैफे’ को सील कर दिया है। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों में कुल 6 व्यावसायिक परिसरों पर ताला जड़ दिया गया है।
करोड़ों का बकाया और अंतिम नोटिस का असर
अपर आयुक्त राजस्व कृष्णा खटीक और उपायुक्त जागृति साहू के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में उन बकाएदारों को निशाना बनाया गया, जिन्होंने बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी डिमांड बिल का भुगतान नहीं किया था।
कार्रवाई के मुख्य केंद्र:
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पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड-50: यहाँ ज्योति केशवानी/केवलराम केशवानी पर करीब 79.23 लाख रुपए का संपत्तिकर बकाया है, जिसके चलते परिसर को सील किया गया।
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बाबू जगजीवन राम वार्ड-53: किशोर कुमार प्रिथवानी पर लाखों रुपए का बकाया होने के कारण उनके प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई।
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लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड-56: यहाँ भी टैक्स न चुकाने वाले एक बड़े प्रतिष्ठान को सील किया गया।
रडार पर शहर के बड़े मॉल्स और बिजनेस पार्क
नगर निगम अब छोटे संस्थानों के साथ-साथ बड़े व्यापारिक केंद्रों की भी फाइलें खंगाल रहा है। निगम आयुक्त ने बताया कि अंबुजा मॉल, डिकैथलॉन, श्रीराम बिजनेस पार्क और सफायर ग्रीन जैसे बड़े संस्थानों को भी नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। वहीं, गौरव गार्डन और मधुबन को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
निगम की चेतावनी: जारी रहेगी सख्ती
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राजस्व वसूली को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जोनल कमिश्नर विवेकानंद दुबे ने कहा कि आगामी दिनों में सभी 10 जोनों में बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर इसी तरह की कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।













