Raipur Excise Building Fire : रायपुर (08 फरवरी 2026): राजधानी के लाभांडी स्थित आबकारी भवन (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड – CSMCL) की तीसरी मंजिल पर रविवार और सोमवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। इस आगजनी में आबकारी निगम के वर्षों पुराने महत्वपूर्ण दस्तावेज और वर्तमान वित्तीय वर्ष की ऑडिट फाइलें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं।
ऑडिट रूम ही बना आग का निशाना
इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू ‘टाइमिंग’ और ‘लोकेशन’ है। जानकारी के अनुसार:
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सोमवार से ऑडिट: आबकारी निगम के आय-व्यय का महत्वपूर्ण ऑडिट सोमवार सुबह से शुरू होना था।
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ऑडिट रूम में आग: आग उसी विशेष अनुभाग (ऑडिट रूम) में लगी जहाँ इस प्रक्रिया से जुड़ी सभी फाइलें रखी हुई थीं।
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अधिकारियों की मौजूदगी: रविवार को दिनभर अधिकारी ऑडिट की तैयारी में जुटे थे। उनके जाने के कुछ घंटों बाद ही दफ्तर में आग लग गई।
दस्तावेज नष्ट करने की साजिश?
विपक्षी दलों और स्थानीय जानकारों का आरोप है कि यह आग शॉर्ट सर्किट नहीं, बल्कि रिकॉर्ड नष्ट करने की साजिश हो सकती है। जब दमकल की गाड़ियां पहुँचीं, तब तक रिकॉर्ड रूम की अधिकांश फाइलें राख हो चुकी थीं। जानकारों का कहना है कि अगर ऑडिट में कोई बड़ी अनियमितता सामने आने का डर था, तो उसे दबाने के लिए आगजनी का सहारा लिया जाना संभव है।
पुलिस और FSL की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा पुलिस और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीमों ने रविवार सुबह से ही घटना स्थल का मुआयना शुरू कर दिया है।
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शॉर्ट सर्किट का दावा: शुरुआती तौर पर इसे बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग बताया जा रहा है, लेकिन अधिकारी अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।
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सीसीटीवी फुटेज: पुलिस भवन के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि रात में दफ्तर बंद होने के बाद वहां कोई संदिग्ध हलचल तो नहीं हुई थी।
रायपुर में आगजनी का बढ़ता सिलसिला
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में रायपुर के अन्य सरकारी दफ्तरों (जैसे डीईओ कार्यालय) में भी इसी तरह की आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जहाँ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जल गए थे। बार-बार ऑडिट या जांच से ठीक पहले आग लगना प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।













