नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि उनके आरोप निराधार और झूठे हैं।
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ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अगर राहुल गांधी के पास अपने आरोपों का कोई सबूत है, तो उन्हें 7 दिन के भीतर शपथपत्र (हलफनामा) देना होगा, अन्यथा उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी पड़ेगी।
चुनाव आयोग का विस्तृत जवाब
- निराधार आरोप: सीईसी ने कहा कि एक पीपीटी (PPT) दिखाकर, जिसमें चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़े नहीं थे, यह कहना कि किसी महिला ने दो बार मतदान किया है, एक गंभीर आरोप है। उन्होंने कहा कि बिना हलफनामे के ऐसे आरोपों पर चुनाव आयोग कार्रवाई नहीं कर सकता।
- मतदाता सूची की जिम्मेदारी: ज्ञानेश कुमार ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध करना एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से 1 सितंबर तक मतदाता सूची में कोई भी त्रुटि बताने का आह्वान किया और कहा कि आयोग उन्हें सुधारने के लिए तैयार है।
- तीसरा विकल्प नहीं: राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मेरे सारे वोटरों को अपराधी बनाना और चुनाव आयोग शांत रहे? ये संभव नहीं है। हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी, तीसरा विकल्प नहीं है।”
- मतदान के आंकड़े: उन्होंने कहा कि भारत में 60% से अधिक मतदान होता है, जो दुनिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ऐसे में यह आरोप लगाना कि मतदाता सूची में गड़बड़ी है, निराधार है। उन्होंने यह भी बताया कि 1 अगस्त के बाद से किसी भी राजनीतिक दल ने मतदाता सूची में कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
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राहुल गांधी ने बार-बार चुनाव आयोग पर मतदान के आंकड़ों में हेरफेर करने और चुनाव में ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने अब उनसे उन लोगों के नाम और हस्ताक्षरित शपथ-पत्र मांगे हैं जिनके बारे में उनका दावा है कि उन्हें मतदाता सूची में गलत तरीके से जोड़ा या हटाया गया है।











