Pathalgaon Viral Video: गौरी शंकर गुप्ता/पत्थलगांव (जशपुर): छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव से सत्ता के नशे और राजनीतिक रसूख के अहंकार का एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक अमले को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वीडियो में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े एक कथित स्थानीय नेता अवधेश गुप्ता बिना किसी कानूनी डर के एक बेबस महिला के घर के भीतर घुसकर उसे सरेआम जान से मारने की धमकी और मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से पूरे पत्थलगांव क्षेत्र की जनता में भारी विद्रोह और आक्रोश की स्थिति निर्मित हो गई है।
कैमरे पर कैद हुआ सत्ता का घमंड: “दिखाता हूँ गुंडागर्दी…”
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे इस वीडियो में आरोपी अवधेश गुप्ता के चेहरे पर कानून और पुलिस का कोई खौफ दिखाई नहीं दे रहा है। वह कैमरे के सामने चीखते हुए महिला को डराता है और कहता है कि “बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज मैं दिखा देता हूं।” स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी का क्षेत्र में पुराना पारिवारिक और राजनीतिक रसूख रहा है, जिसके चलते वह पहले भी कई गंभीर विवादों को अंजाम दे चुका है। हर बार सत्ता की मजबूत छतरी उसे पुलिसिया कार्रवाई से बचा लेती है, जिससे उसके हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्रीय विधायक गोमती साय से जनता के 5 चुभते सवाल
इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद पत्थलगांव की जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोग अब कोरे आश्वासनों के बजाय आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस बीच जनता का सबसे ज्यादा गुस्सा क्षेत्रीय विधायक गोमती साय की रहस्यमयी चुप्पी पर फूट रहा है। आक्रोशित नागरिकों ने विधायक महोदया के सामने 5 सीधे सवाल दागे हैं:
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क्या एक महिला के घर में घुसकर उसे धमकाने वाले इस गुंडे पर पुलिस का डंडा नहीं चलना चाहिए? क्या यही सुशासन है?
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“बीजेपी की गुंडागर्दी” का खुलेआम दावा करने वाले इस शख्स को पार्टी से अब तक निष्कासित क्यों नहीं किया गया?
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वीडियो के रूप में पुख्ता सबूत होने के बाद भी पुलिस एफआईआर (FIR) दर्ज करने में किस ‘ऊपर वाले’ के आदेश का इंतजार कर रही है?
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मंचों से महिला सुरक्षा पर लंबे-चौड़े भाषण देने वाले नेता आज इस अभद्रता पर मौन क्यों हैं?
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क्या विधायक गोमती साय इस मामले में व्यक्तिगत संज्ञान लेकर पीड़ित महिला को न्याय और आरोपी को कड़ी सजा दिलाएंगी?
खाकी की खामोशी पर उठे सवाल, दांव पर सिस्टम की साख
इस पूरे घटनाक्रम ने जशपुर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस ने इस मामले में ‘जांच’ और ‘लीपापोती’ का पुराना रवैया अपनाया, तो यह साफ हो जाएगा कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए है और रसूखदारों के लिए कोई नियम-कायदा नहीं है। फिलहाल पीड़ित महिला सहमी हुई है और पूरे शहर की नजरें पुलिस प्रशासन तथा स्थानीय भाजपा संगठन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इस क्षेत्र में वाकई देश का संविधान लागू है या फिर रसूखदारों का जंगलराज चलेगा।









