नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) में हुए बड़े बदलावों को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह “आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा फैसला” है। उन्होंने इसे दिवाली से पहले का ‘डबल धमाका’ बताते हुए कहा कि इससे आम नागरिक और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “अब GST और भी सरल हो गया है। केवल दो स्लैब बचे हैं – 5% और 18%। इससे हर नागरिक और व्यापारी के लिए व्यवस्था आसान बनेगी।” उन्होंने आगे कहा कि ‘GST 2.0’ नामक यह नई व्यवस्था घरों, छोटे व्यापारियों और उद्योग जगत के लिए फायदेमंद साबित होगी।
अहम बदलाव
GST काउंसिल ने 12% और 28% के टैक्स स्लैब खत्म करने का फैसला लिया है। अब केवल दो दरें – 5% और 18% – ही लागू होंगी। यह बदलाव 22 सितंबर से प्रभावी होगा।
2017 में GST लागू होने के बाद से यह सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।
क्या होगा असर?
नई दरों से कई जरूरी और रोज़मर्रा की वस्तुएं, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, रेस्टोरेंट में खाना, यात्रा सेवाएं, गैजेट्स और यहां तक कि गाड़ियां भी सस्ती होंगी। इससे मिडिल क्लास और व्यापारियों दोनों को फायदा मिलेगा।
राजनीतिक तैयारी भी
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने बदलाव से पहले कई बैठकों की अध्यक्षता की थी ताकि राजनीतिक रूप से संवेदनशील वस्तुओं पर टैक्स को लेकर विवाद न हो। वहीं पीएम मोदी ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि राज्यों के राजस्व पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत है बल्कि देश की कर प्रणाली को और सरल और पारदर्शी बनाएगा।











