नई दिल्ली [Nishanebaaz News]। अगस्त का महीना समाप्त होने की ओर है और इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण वित्तीय (Financial) कार्यों की समयसीमा (Deadline) भी खत्म हो रही है। यदि आपने इन कामों को समय रहते पूरा नहीं किया, तो आखिरी तारीख निकलने के बाद आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है या फिर बेवजह की कागजी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषकर यदि आप नौकरी के साथ कोई दूसरा काम करते हैं, खुद का कारोबार चलाते हैं, फ्रीलांसिंग करते हैं या सोशल मीडिया से कमाई करते हैं, तो 31 अगस्त से पहले ये 4 काम निपटाना आपके लिए बेहद अनिवार्य है।
1. गैर-अंकेक्षित (Non-Audit) रिटर्न वालों के लिए ITR की अंतिम तिथि
यदि आप वेतनभोगी (Salaried) नहीं हैं और बिजनेस, कंटेंट क्रिएशन या फ्रीलांसिंग से कमाई करते हैं—जिसमें आपके खातों की सीए (CA) द्वारा जांच/ऑडिट जरूरी नहीं है—तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है।
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किसके लिए जरूरी: यूट्यूब, इंस्टाग्राम, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, फ्रीलांस वर्क या अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई।
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ध्यान दें: अपनी कुल वार्षिक आय का सही हिसाब दिखाकर समय पर रिटर्न फाइल करें। 31 अगस्त की डेडलाइन निकलने के बाद फाइल करने पर पेनल्टी (विलंब शुल्क) देना पड़ेगा।
2. अन्य स्रोतों से हुई कमाई का सही हिसाब जोड़ें
अक्सर लोग रिटर्न दाखिल करते समय केवल अपनी मुख्य कमाई का जिक्र करते हैं और अन्य छोटे स्रोतों को भूल जाते हैं। ITR फाइल करने से पहले अपनी पूरी वार्षिक आय का मिलान जरूर कर लें:
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बैंक खातों से प्राप्त ब्याज
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शेयर बाजार या अन्य म्यूचुअल फंड/निवेश से हुई कमाई
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संपत्ति से मिलने वाला किराया
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सोशल मीडिया व स्पॉन्सरशिप से प्राप्त राशि
गलत या अधूरी जानकारी देने पर बाद में आयकर विभाग (Income Tax Department) का नोटिस मिल सकता है। इसलिए एआईएस (AIS) और बैंक स्टेटमेंट जांच कर ही विवरण भरें।
3. क्रेडिट कार्ड के बदले नियमों की समीक्षा करें
अगस्त महीने में कई बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड (Credit Card) नियमों और रिवॉर्ड प्वॉइंट्स व्यवस्था में बदलाव किए हैं:
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शुल्क व लाभ: किराया भुगतान (Rent Payment), बीमा (Insurance), शिक्षा शुल्क, और सरकारी सेवाओं के भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड प्वॉइंट्स कम या खत्म किए गए हैं।
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प्रोसेसिंग फीस: कुछ ट्रांजैक्शंस पर अतिरिक्त शुल्क लागू किए गए हैं। अपने बैंक के नए सेवा नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें, ताकि बिल देखकर झटका न लगे।
4. बैंक खाते और केवाईसी (KYC) अपडेट की जांच
अपने सभी सक्रिय बैंक खातों में व्यक्तिगत जानकारी का मिलान कर लें:
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संपर्क विवरण: बैंक खाते में एक्टिव मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेटेड हैं या नहीं, यह सुनिश्चित करें।
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री-केवाईसी (Re-KYC): यदि बैंक ने किसी दस्तावेज (जैसे पैन या आधार) को री-सबमिट करने के लिए कहा है, तो उसे समय पर पूरा करें।
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अनधिकृत लेन-देन: अपने बैंक खाते के स्टेटमेंट पर नियमित नजर रखें। यदि कोई ऐसा लेन-देन दिखे जो आपने न किया हो, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित कर फ्रॉड रिपोर्ट दर्ज कराएं।





