Saturday, August 15, 2026
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Period Of President’s Rule : राज्यसभा में हंगामे के बीच मणिपुर में राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए बढ़ा, विपक्ष ने उठाए सवाल

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Period Of President’s Rule : नई दिल्ली। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 13 अगस्त के बाद छह महीने और बढ़ाने के प्रस्ताव को संसद की मंजूरी मिल गई है। लोकसभा से पहले ही पारित इस वैधानिक प्रस्ताव को मंगलवार को राज्यसभा में भी हंगामे के बीच मंजूरी दे दी गई। इस दौरान विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष संशोधन को लेकर जोरदार विरोध किया।

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राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने चर्चा के दौरान हंगामा किया और उपसभापति हरिवंश से तीखी बहस भी हुई। उपसभापति ने स्पष्ट किया कि यह एक संवैधानिक दायित्व है और सभी सांसदों को इसका पालन करना चाहिए। YSRCP सांसद सुभाष चंद्र बोस पिल्ली को बोलने के लिए कहा गया, लेकिन टीएमपी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी। बीजेडी सांसद मुजीबुल्ला खान ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बावजूद हालात में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने प्रस्ताव पेश करते हुए बताया कि मणिपुर की स्थिति वहां के दो समुदायों के बीच आरक्षण से जुड़ी अदालती टिप्पणी के बाद बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इसे धार्मिक हिंसा कहना गलत है। मंत्री ने यह भी बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों, सुरक्षाबलों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की है।

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सरकार का दावा है कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से मणिपुर में केवल एक हिंसक घटना सामने आई है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि डबल इंजन सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि बार-बार निर्वाचित सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाना लोकतंत्र के लिए कितना उचित है। हंगामे के बीच राज्यसभा ने अंततः प्रस्ताव को पारित कर दिया।

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