Tuesday, August 18, 2026
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जेल से अस्पताल जाएंगे इमरान खान! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, प्रशासन को फटकार

Nishaanebaz News Desk-Imran Khan Hospital Transfer: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। जेल में बंद इमरान को 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ट्रांसफर करने को कहा गया है। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर के आदेश के साथ उनकी सेहत की विस्तृत जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का भी निर्देश दिया गया है।सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच इमरान के इलाज और परिवार से मुलाकात से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। बेंच की अध्यक्षता जस्टिस शाहिद वहीद ने की। उनके साथ जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल थे।

सुनवाई के दौरान पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में इमरान खान की सेहत को लेकर कई चिंताएं सामने आईं। रिपोर्ट में ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, दिल की धड़कन में बदलाव और मानसिक तनाव का जिक्र किया गया। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर का फैसला इसी मेडिकल स्थिति को देखते हुए अहम माना जा रहा है।रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान का हालिया ब्लड प्रेशर 140/80 दर्ज किया गया, जबकि उनकी नब्ज 54 प्रति मिनट थी। फरवरी में उनका ब्लड प्रेशर 120/80 बताया गया था। कोर्ट अब मेडिकल बोर्ड के जरिए उनकी मौजूदा स्थिति की विस्तृत जांच कराना चाहता है।

कोर्ट ने पूरी मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने अडियाला जेल प्रशासन से इमरान खान की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने पूरी रिपोर्ट की जगह केवल रिपोर्ट का सार पेश किए जाने पर जस्टिस शाहिद वहीद ने नाराजगी जताई। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर के साथ अदालत ने मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर भी जेल प्रशासन से स्पष्ट जानकारी मांगी है।अदालत ने पिछले तीन वर्षों के दौरान इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों का रिकॉर्ड भी मांगा है। इसके अलावा उनके बेटों से बातचीत और कॉल डिटेल से जुड़ी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।
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बहनों से मुलाकात को बताया मौलिक अधिकार
सुनवाई के दौरान इमरान खान की बहनों से मुलाकात का मुद्दा भी उठा। जस्टिस शाहिद वहीद ने कहा कि बहनों से मुलाकात की अनुमति देना कोई एहसान नहीं है, बल्कि यह उनका मौलिक अधिकार है।इमरान की बहन डॉ. उजमा खानम ने आखिरी बार 2 दिसंबर 2025 को उनसे मुलाकात की थी। उस समय उन्होंने इमरान की सेहत को लेकर चिंता जाहिर की थी। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर के आदेश के साथ परिवार को मुलाकात का अधिकार देने का मुद्दा भी अब चर्चा में है।

मेडिकल बोर्ड में बहन और निजी डॉक्टर भी होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों वाला मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। इसमें उनकी बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी शामिल करने को कहा गया है। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर के बाद यह बोर्ड उनकी मौजूदा और पुरानी मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन करेगा।बोर्ड यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि इमरान को वास्तव में किस तरह की स्वास्थ्य समस्या है, ब्लड क्लॉट की वजह क्या है और आगे किसी गंभीर खतरे की आशंका है या नहीं। इसके बाद डॉक्टर यह भी बताएंगे कि उनका इलाज अस्पताल में जरूरी है या जेल में मेडिकल निगरानी के साथ इलाज संभव है।

आंख की बीमारी का भी रिपोर्ट में जिक्र
अडियाला जेल के सुपरिंटेंडेंट ने सुप्रीम कोर्ट में इमरान की दो पेज की मेडिकल रिपोर्ट जमा की थी। इसमें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन नाम की आंख की बीमारी का भी जिक्र है। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर के फैसले के बीच उनकी आंख की स्थिति भी मेडिकल बोर्ड की जांच का हिस्सा होगी।रिपोर्ट के अनुसार, इस बीमारी का इलाज चल रहा है और प्रभावित आंख की नजर लगभग सामान्य होने की बात कही गई है। रिपोर्ट में 4 नवंबर 2023 से 10 अगस्त 2026 के बीच इमरान की 39 मेडिकल जांचों का भी उल्लेख किया गया है।

कोर्ट ने कहा- सेहत को राजनीति का मुद्दा न बनाएं
सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI को भी इमरान की स्वास्थ्य स्थिति को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने की सलाह दी। जस्टिस नईम अख्तर अफगान ने कहा कि पार्टी को यह तय करना चाहिए कि इमरान की सेहत को लेकर राजनीति न हो।वहीं पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा है कि आने वाले तीन महीने इमरान की स्थिति के लिहाज से अहम हो सकते हैं। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर के बाद उनकी सेहत में सुधार होता है या कोई स्थायी समस्या सामने आती है, इस पर अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान खान
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें शुरुआत में तोशाखाना मामले में सजा के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामलों में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई।बाद में कुछ मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिली और कुछ सजाओं पर रोक भी लगी। इसके बावजूद अन्य मामलों के चलते वह जेल में बने हुए हैं। इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर का मौजूदा आदेश उनकी जेल अवधि के दौरान स्वास्थ्य को लेकर अदालत की गंभीरता को दिखाता है।

इमरान और PTI का क्या कहना है?
इमरान खान और उनकी पार्टी PTI लगातार यह आरोप लगाती रही है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले राजनीतिक वजहों से हैं। पार्टी का कहना है कि इन मामलों का इस्तेमाल उन्हें राजनीति और चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के लिए किया गया।दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती रही हैं। उनका कहना है कि इमरान के खिलाफ चल रहे मामले कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। अब इमरान खान अस्पताल ट्रांसफर के बाद मेडिकल बोर्ड की जांच और सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर सबकी नजर रहेगी।

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