नई दिल्ली/इस्लामाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी सीमा में स्थित आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए 6-7 मई की रात को ऑपरेशन किया, जिसे भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया। पाकिस्तान की ओर से शुरू में इस अभियान को नकारा गया, लेकिन अब राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इसे स्वीकार किया है।
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जरदारी का बयान:
एक कार्यक्रम में जरदारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पाक सेना के कई बड़े अफसर बंकरों में छिप गए थे। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिनिधि ने उन्हें आगाह किया कि जंग शुरू हो चुकी है। जरदारी ने कहा, “हम जंग के लिए तैयार हैं और अपनी जान की कुर्बानी देने को भी तैयार हैं।” उन्होंने भारत को लेकर गीदड़भभकी भी दी, कहा, “रोटी होगी…गोली होगी…हम गोलियां मारेंगे…तुम क्या गोले मारोगे।”
ऑपरेशन का असर और भारत का रुख:
भारत ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी एयरस्पेस में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया। सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ समाप्त नहीं हुआ है और यह अब भी जारी है।













