NTPC Vindhyanagar Singrauli News : सिंगरौली (मध्य प्रदेश): ऊर्जाधानी सिंगरौली में देश की महारत्न कंपनी NTPC विंध्यनगर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता उस समय अखाड़े में तब्दील हो गई, जब क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और राखड़ प्रदूषण (Ash Pollution) पर सवाल पूछने पर एक पत्रकार से कथित तौर पर माइक छीनने की कोशिश की गई। आरोप है कि एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने तीखे सवालों से असहज होकर पत्रकार को रोकने का प्रयास किया, जिससे मौके पर हंगामे जैसी स्थिति निर्मित हो गई।
चुनिंदा पत्रकारों की एंट्री और ‘फिल्टर’ संवाद का आरोप प्रेस वार्ता को लेकर यह गंभीर आरोप भी सामने आया है कि प्रबंधन ने केवल ‘पसंदीदा’ और चुनिंदा पत्रकारों को ही आमंत्रित किया था। स्थानीय मीडिया कर्मियों का कहना है कि कंपनी केवल उन लोगों को प्राथमिकता देती है जो उनके पक्ष में माहौल बनाते हैं, जबकि विस्थापन, जल प्रदूषण और जमीनी हकीकत पर सवाल उठाने वाले पत्रकारों को नजरअंदाज या अपमानित किया जाता है।
ठेकेदारी में पक्षपात की भी चर्चाएं तेज चौक-चौराहों पर यह चर्चा भी गर्म है कि जनसंपर्क विभाग के स्तर पर न केवल सूचनाओं को ‘फिल्टर’ किया जा रहा है, बल्कि ठेकेदारी और अन्य कार्यों में भी ‘अपनों’ को नवाजने का खेल चल रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रेस वार्ता में हुए दुर्व्यवहार ने कंपनी की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जवाबदेही से बच रहा प्रबंधन? विशेषज्ञों और वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि PRO की भूमिका संस्थान और जनता के बीच सेतु बनने की होती है, लेकिन यहाँ विभाग ‘सच्चाई छिपाने की दीवार’ बनता दिख रहा है। एनटीपीसी द्वारा कागजों पर किए जा रहे विकास के दावे धरातल पर राखड़ के ढेरों के नीचे दबे नजर आते हैं। अब मांग उठ रही है कि एनटीपीसी का शीर्ष प्रबंधन इस पूरे मामले और PRO की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच कराए।











