सेवा नहीं तो सैलरी नहीं : यहां बनेगा ऐतिहासिक कानून, माता-पिता की अनदेखी करेंगे तो कटेगा 15% तक वेतन…

Parivesh
तेलंगाना

तेलंगाना। तेलंगाना सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सख्त और ऐतिहासिक कानून लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शनिवार को घोषणा की है कि राज्य में जल्द ही एक ऐसा कानून लागू किया जाएगा, जिसके तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करता है, तो उसके वेतन का एक हिस्सा काटकर सीधे उपेक्षित माता-पिता को दिया जाएगा।

READ MORE : Bihar Elections : बिहार चुनाव से पहले इंदौर में बड़ी कार्रवाई, ट्रॉली बैग में 71 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार…

वेतन का 10 से 15% हिस्सा कटेगा:

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया, “हम एक कानून ला रहे हैं। अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करता है, तो उसके वेतन का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा काटकर माता-पिता के बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा।”

रेड्डी ने इस कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जिस तरह कर्मचारियों को मासिक वेतन मिलता है, उसी तरह उनके माता-पिता को भी उस वेतन से मासिक आय सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव रामकृष्ण राव को निर्देश दिया है कि वे इस महत्वपूर्ण कानून का मसौदा तैयार करने के लिए अधिकारियों की एक समिति गठित करें।

बुजुर्गों को मिलेगा न्याय:

यदि यह कानून लागू होता है, तो इससे उन सैकड़ों बुजुर्ग माता-पिता को न्याय मिल सकेगा, जिन्हें उनके सरकारी कर्मचारी बच्चों द्वारा घर से निकाल दिया जाता है, या भोजन और आवश्यक सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। यह नया प्रावधान बुढ़ापे में उपेक्षित माता-पिता के जीवन को आर्थिक रूप से सुरक्षित और सुखमय बनाने में मदद करेगा।

READ MORE : CM Yadav Schedule Today : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का छोटी दीपावली पर मैराथन दौरा…

इस घोषणा के दौरान, मुख्यमंत्री ने नव-चयनित ग्रुप-II कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उनसे आग्रह किया कि वे जनसेवा के दौरान समस्याओं को लेकर आने वाले लोगों के प्रति दयालु और सहृदय रहें।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *