नई दिल्ली : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा और निर्णायक रोडमैप पेश किया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक के बाद गडकरी ने ऐलान किया कि अब सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस योजना के तहत यदि दुर्घटना की जानकारी 24 घंटे के भीतर पुलिस को दी जाती है, तो पीड़ित को 7 दिनों तक ₹1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
मार्च तक देशभर में लागू होगी कैशलेस इलाज योजना
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह योजना पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू की गई थी, जिसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। अब इसे मार्च 2025 तक पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद इलाज में होने वाली देरी को खत्म करना और जान बचाना है।
हिट एंड रन मामलों में बढ़ा मुआवजा
गडकरी ने हिट एंड रन मामलों को लेकर भी राहत भरी घोषणा की।
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मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि
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गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को ₹50 हजार मुआवजा (पहले ₹12 हजार)
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 1.8 लाख लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी संख्या 18 से 34 वर्ष के युवाओं की है। हेलमेट न पहनने के कारण लगभग 30 हजार लोगों की जान गई।
ड्राइवरों की कमी दूर करने के लिए नई नीति
बैठक में 12 अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें नई ड्राइविंग ट्रेनिंग पॉलिसी प्रमुख रही। देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी को देखते हुए विभिन्न राज्यों में आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे। इससे न केवल सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
बसों और वाहनों के लिए सख्त सुरक्षा मानक
लगातार हो रही बस आगजनी घटनाओं के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
अब स्लीपर बसें केवल अधिकृत निर्माता कंपनियां ही बनाएंगी।
साथ ही बसों में इमरजेंसी एग्जिट, हथौड़ा, अलार्म और फायर सेफ्टी सिस्टम अनिवार्य होंगे। दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और हाइड्रोलिक रैंप वाली बसों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
स्क्रैपिंग पॉलिसी से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण
गडकरी ने बताया कि इस साल 3.64 लाख वाहन स्क्रैप किए गए हैं। स्क्रैपिंग पॉलिसी के जरिए 70 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पराली से सड़क निर्माण जैसे नवाचारों पर भी काम किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
‘जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट’ का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से ‘जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट’ बनाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।










