रायपुर। CG EOW Raids: छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराधों और बड़े घोटालों की जांच कर रही राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को अब तक का सबसे बड़ा तलाशी अभियान चलाया। ईओडब्ल्यू की विभिन्न टीमों ने प्रदेश के चर्चित शराब घोटाला, कोल लेवी (कोयला) घोटाला और मेडिकल सप्लाई घोटाला से जुड़े तीन अलग-अलग प्रकरणों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव और गरियाबंद समेत 6 जिलों में स्थित कुल 16 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू ने विभिन्न वित्तीय लेन-देन, बेनामी संपत्तियों के कागजात, रजिस्ट्री डाक्यूमेंट्स, संदिग्ध खातों के विवरण और अहम डिजिटल उपकरण (हार्ड डिस्क, मोबाइल व पेन ड्राइव) जब्त किए हैं। प्रदेश में एक ही दिन में ईओडब्ल्यू, एसीबी (ACB) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बहुआयामी कार्रवाइयों की खबरों से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
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घोटालों के अनुसार ईओडब्ल्यू की कार्रवाई का ब्योरा:
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शराब घोटाला (अपराध क्र. 04/2024): इस प्रकरण में ईओडब्ल्यू ने रायपुर और राजनांदगांव जिलों में कुल 6 स्थानों पर दबिश दी। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा है। टीम अवैध आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल मुख्य मोहरों के साक्ष्य जुटा रही है।
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कोल लेवी घोटाला (अपराध क्र. 03/2024): कोयला परिवहन में कथित अवैध लेवी वसूली के मामले में ईओडब्ल्यू ने कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जिलों में 6 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच टीम को कई बेशकीमती अचल संपत्तियों की रजिस्ट्रीयों समेत वित्तीय लेन-देन के अहम कागजात हाथ लगे हैं।
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मेडिकल घोटाला (अपराध क्र. 05/2025): स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग में हुई कथित आर्थिक अनियमितताओं, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी की जांच के तहत रायपुर और गरियाबंद जिले के 4 ठिकानों पर तलाशी ली गई। यहां से तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्य संकलित किए गए हैं।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि तीनों प्रकरणों में जब्त किए गए डिजिटल एविडेंस और दस्तावेजों की फॉरेंसिक व तकनीकी जांच की जा रही है। इन नए साक्ष्यों का पूर्व में दर्ज बयानों और एकत्र किए गए तथ्यों से मिलान किया जाएगा, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में कई रसूखदारों और संबंधित अधिकारियों पर वैधानिक शिकंजा कसा जा सकता है।