रायपुर/भिलाई। Nishaanebaz.com-Bhilash Steel Plant Scam: भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से कथित तौर पर पिछले कई दशकों से हो रही करोड़ों रुपये के लोहे की संगठित चोरी के मामले ने अब छत्तीसगढ़ की राजनीति और पुलिस महकमे में जबरदस्त भूचाल ला दिया है। वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम को एक विस्तृत पत्र भेजकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विधायक रिकेश सेन ने अपने पत्र में सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि पिछले करीब 40 वर्षों के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र से लगभग 10,000 करोड़ रुपये के लोहे की अवैध रूप से चोरी की गई है। विधायक ने मांग की है कि पुलिस जांच को केवल छोटे-मोटे पकड़े गए आरोपियों तक सीमित न रखकर इस गिरोह के मुख्य सूत्रधारों, बड़े कबाड़ियों, बीएसपी के संदिग्ध अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों तक ले जाया जाए। इस बीच शनिवार को विधायक दिल्ली पहुंचे हैं, जहां उनके केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, SAIL के शीर्ष अधिकारियों, CBI निदेशक और CISF के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने की संभावना है।
विधायक रिकेश सेन ने अपने आरोपों में दावा किया है कि चोरी के लोहे के परिवहन में इस्तेमाल की जाने वाली 100 से अधिक गाड़ियों को धरपकड़ के डर से रातों-रात कटवा दिया गया। उन्होंने DGP से मांग की है कि परिवहन विभाग (RTO) के रिकॉर्ड खंगालकर इन वाहनों के मालिकों और ट्रांसपोर्टरों का ब्योरा जुटाया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि संयंत्र से बाहर निकलने वाले माल की तौल, स्क्रैप के टेंडर और जांच प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी है। बीएसपी प्रशासन ट्रांसपोर्टरों पर FIR दर्ज कराने के बजाय केवल गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट कर मामले को रफा-दफा क्यों करता रहा है?
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जांच की दिशा पर सवाल उठाते हुए विधायक ने आरोप लगाया कि बीएसपी से चोरी किया गया लोहा दुर्ग जिले के रसमड़ा स्थित एक निजी फैक्ट्री में पहुंचता था, जिसकी गहनता से पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर राजनीतिक पक्षपात के आरोप भी लगाए। विधायक ने कहा कि कथित चोरी के इस दशकों पुराने सिंडिकेट को भटकाने के लिए बेवजह एक भाजपा मंडल पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को इससे जोड़ा जा रहा है, जबकि असल सरगना अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।
मामले के तूल पकड़ते ही प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि रिकेश सेन क्षेत्र के सम्पादनीय विधायक हैं, उनसे इस विषय पर चर्चा हुई है और उनकी उठाई बातों का पूरा सम्मान किया जाएगा। वहीं, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विधायक का अपने क्षेत्र के इतने बड़े संयंत्र में हो रही गड़बड़ियों पर चिंता जताना स्वाभाविक है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जांच के बाद उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।





