Tikamgarh Collector Inspection:निशानेबाज न्यूज़ डेस्क– मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान ऐसी स्थिति सामने आई, जिसने वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कलेक्टर अचानक अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद CHO एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर जांच रही थीं। लेकिन BP जांचने के तरीके में गलती देखकर कलेक्टर ने उन्हें रोककर प्रक्रिया समझाई।मामला टीकमगढ़ के सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र का है। शनिवार को कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतिय अचानक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लेने पहुंचे थे। उनके अचानक पहुंचते ही अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति सामने आने लगी।
कलेक्टर के पहुंचते ही BP जांच पर पड़ी नजर
टीकमगढ़ कलेक्टर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने देखा कि CHO रितु अहिरवार एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर चेक कर रही थीं। इस दौरान BP मशीन के मोनोमीटर को इस्तेमाल करने के तरीके में कमी नजर आई।कलेक्टर ने CHO को कई बार सही तरीके से जांच करने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने खुद BP लेने की प्रक्रिया को समझाया। मौके पर हुई इस स्थिति ने वहां मौजूद लोगों का भी ध्यान खींचा।
CHO से कलेक्टर ने पूछी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी
टीकमगढ़ कलेक्टर निरीक्षण के दौरान केवल मरीज की जांच ही नहीं, बल्कि CHO की योग्यता को लेकर भी सवाल किए गए। कलेक्टर ने रितु अहिरवार से उनकी शैक्षणिक योग्यता और संबंधित डिग्री की जानकारी ली।कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं को लेकर भी स्थिति समझने की कोशिश की। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को जानना था।
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ग्रामीणों ने बताई अस्पताल से जुड़ी बड़ी परेशानी
टीकमगढ़ कलेक्टर निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। ग्रामीणों ने शिकायत की कि उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता है।ग्रामीणों के मुताबिक, अस्पताल बंद रहने या सेवाएं सही तरीके से नहीं मिलने के कारण उन्हें इलाज के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। इससे गांव के लोगों को काफी परेशानी होती है, खासकर तब जब उन्हें तुरंत स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत होती है।
स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधारने के निर्देश
टीकमगढ़ कलेक्टर निरीक्षण में सामने आई शिकायतों को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से संचालित हो और वहां आने वाले लोगों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े, इस पर भी ध्यान देने को कहा गया।
औचक निरीक्षण से खुली जमीनी व्यवस्था की तस्वीर
टीकमगढ़ कलेक्टर निरीक्षण के दौरान सामने आई BP जांच की स्थिति और ग्रामीणों की शिकायतों ने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पर चर्चा शुरू कर दी है। एक तरफ मरीजों को सही जांच और इलाज की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित संचालन भी जरूरी है।कलेक्टर के अचानक निरीक्षण से यह साफ हुआ कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना ही काफी नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को जरूरी जांच सही तरीके से करनी भी आनी चाहिए। अब देखना होगा कि निरीक्षण के बाद सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में कितना बदलाव आता है।





