अंबिकापुर। Nishaanebaz.com-Ambikapur Political Clash: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में राजनीतिक रंजिश के चलते कांग्रेस नेता गुरुप्रीत सिंह सिद्धू पर जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार देर रात करीब 15 से 20 हथियारबंद बदमाशों ने उनके घर में घुसकर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस मारपीट में वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। वारदात मणिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दर्रीपारा इलाके की है। घायल कांग्रेस नेता को पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का करीबी माना जाता है।
घर में घुसकर किया हमला, आंख में आई गंभीर चोट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की देर रात हथियारों से लैस 15 से 20 उपद्रवी गुरुप्रीत सिंह सिद्धू के घर में जबरन घुस आए।
-
आंख में गंभीर चोट: बदमाशों ने घर के अंदर ही सिद्धू के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों व हथियारों से बेरहमी से मारपीट की।
-
अस्पताल में भर्ती: हमले में उनकी आंख में गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
Read More : MP Crime: 55 हजार में खरीदी पिस्टल, कार में हथियार लेकर घूम रहे थे दो युवक; पुलिस ने दबोचा
भाजपा नेता पर हमला कराने का आरोप
अस्पताल में इलाज करा रहे कांग्रेस नेता गुरुप्रीत सिंह सिद्धू ने हमले का सीधा आरोप भाजपा नेता प्रकाश साहू पर लगाया है। सिद्धू का कहना है कि:
-
राजनीतिक रंजिश: पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया पर किए जा रहे राजनीतिक पोस्ट को लेकर भाजपा नेता के समर्थक उनसे रंजिश रख रहे थे।
-
सुरक्षा की गुहार: उन्होंने पहले ही आईजी को आवेदन देकर अपनी जान का खतरा होने की आशंका जताई थी। उनका यह भी आरोप है कि पूर्व में दर्ज शिकायतों पर पुलिस ने प्रभावी कदम नहीं उठाए, जिसके चलते यह वारदात हुई।
Read More : MP Crime: 55 हजार में खरीदी पिस्टल, कार में हथियार लेकर घूम रहे थे दो युवक; पुलिस ने दबोचा
भाजपा नेता प्रकाश साहू ने खारिज किए आरोप
दूसरी ओर, भाजपा नेता प्रकाश साहू ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार करार दिया है।
साहू ने सफाई देते हुए कहा कि घटना के समय वे अपने घर पर मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि वार्ड चुनाव में भाजपा की जीत से बौखलाकर उन्हें झूठे मामले में फंसाने का प्रोपेगेंडा रचा जा रहा है। प्रकाश साहू के मुताबिक, उन्होंने भी पहले ही आईजी को ज्ञापन सौंपकर खुद को झूठे केस में फंसाए जाने की आशंका जताई थी।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही मणिपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। वारदात के बाद से दर्रीपारा क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है।





