Datia Congress Internal Rift: दतिया कांग्रेस में भारी गुटबाजी; प्रत्याशी घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती आए आमने-सामने

VIKASH KHALKHO

Datia Congress Internal Rift: दतिया (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के बीच कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी घमासान और कलह पूरी तरह से सार्वजनिक हो गई है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के बीच तीखे जुबानी तीर चले हैं।

घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर चुनाव में भितरघात करने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से फंडिंग लेने के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, राजेंद्र भारती ने पलटवार करते हुए घनश्याम सिंह को ‘कायर और डरपोक’ करार दिया है।

घनश्याम सिंह का गंभीर आरोप: “बीजेपी से मिले हुए थे राजेंद्र भारती”

कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने खुलेआम आरोप लगाया कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक उनके पक्ष में काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारती ने भाजपा नेताओं के साथ साठगांठ की और उनसे भारी फंडिंग प्राप्त की।

घनश्याम सिंह के अनुसार:

  • भारती के समर्थकों के जरिए मतदाताओं के बीच पैसे बंटवाकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की रणनीति बनाई गई।

  • 2023 का चुनाव जीतने के बाद राजेंद्र भारती ने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की।

  • उपभोक्ता फोरम में 7 लाख रुपये के भुगतान पर समझौता होने के बावजूद मामले को खींचा गया और विधानसभा में सवाल पूछकर निजी स्वार्थ साधे गए।

  • भारती ने कभी भी मुख्यमंत्री मोहन यादव, ज्योतिरादित्य सिंधिया या कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गज भाजपा नेताओं की सार्वजनिक आलोचना नहीं की।

घनश्याम सिंह ने बताया कि राजेंद्र भारती के भितरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों की लिखित शिकायत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष से की जा चुकी है।

राजेंद्र भारती का करारा जवाब: “कांच के महलों में रहने वाले दूसरों पर पत्थर न फेंकें”

घनश्याम सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि “जो लोग खुद कांच के महलों में रहते हैं, उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर फेंकने की आदत छोड़ देनी चाहिए।”

भारती ने कहा कि घनश्याम सिंह अपनी संभावित हार के डर से बौखलाहट में मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगा रहे हैं। दतिया की जनता अच्छी तरह जानती है कि किसने क्षेत्र के लिए संघर्ष किया है और कौन सिर्फ चुनाव के समय दिखाई देता है।

“पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की सहमति से लड़ा चुनाव”

राजेंद्र भारती ने घनश्याम सिंह पर ही भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि घनश्याम सिंह ने यह उपचुनाव पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौन सहमति और सहयोग से लड़ा है।

उन्होंने दावा किया कि घनश्याम सिंह के चुनाव प्रबंधन और फंड मैनेजमेंट में नरोत्तम मिश्रा से जुड़े लोगों की प्रमुख भूमिका रही। घनश्याम सिंह नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ सीधे तौर पर चुनाव लड़ने की हिम्मत ही नहीं रखते थे। मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के बीच छिड़ी इस जुबानी जंग से दतिया के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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