रतलाम। Nishaanebaz.com-Ratlam Teacher Assault Case: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ताल कस्बे से कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक स्कूल शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगा, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों और भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए शिक्षक को एक पेड़ से रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से स्थानीय स्तर पर पुलिस की भूमिका को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना गत 3 अक्टूबर की है। ताल इलाके में एक शिक्षक पर एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। इस बात की भनक लगते ही स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि आक्रोशित भीड़ ने शिक्षक को दबोच लिया और उसे सड़क किनारे एक पेड़ से रस्सी के सहारे बांधकर उसकी जमकर धुनाई कर दी। घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका पूरा वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।
शिक्षक पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही ताल थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक तरफ जहाँ पुलिस ने आरोपी शिक्षक पर त्वरित कार्रवाई की, वहीं दूसरी तरफ पुलिस के दोहरे रवैये को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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पुलिस की कार्रवाई पर क्यों उठ रहे सवाल?
इस मामले में सबसे बड़ा विवाद मारपीट करने वालों पर की गई कार्रवाई को लेकर है। वायरल वीडियो में शिक्षक को पेड़ से बांधकर पीटने वाले लोगों के चेहरे और पहचान साफ तौर पर देखी जा सकती है, इसके बावजूद पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। स्थानीय नागरिकों और जानकारों का कहना है कि जब वीडियो में उपद्रवी साफ नजर आ रहे हैं, तब पुलिस द्वारा अज्ञात पर केस दर्ज करना कहीं न कहीं मामले को कमजोर करने की कोशिश है। कानून को हाथ में लेकर भीड़ द्वारा इस तरह बर्बरता करने वालों पर सीधी कार्रवाई न होने से ताल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।






